भारत की स्वतंत्रता गाथा में कस्तूरबा गांधी का नाम त्याग और तपस्या की अमर मिसाल है। 22 फरवरी 1944 को अंग्रेजों की कैद में उन्होंने प्राण त्यागे, लेकिन उनका संघर्ष, सादगी और सेवा भाव आज भी प्रेरणा देता है। राष्ट्र…
शहीद दिवस पर ‘मोहन से महात्मा तक’ कार्यक्रम में भारती दीक्षित ने प्रस्तुत की दास्तानगोई इंदौर 30 जनवरी। गांधीजी उस महान व्यक्तित्व का नाम था, जिनके पास न सत्ता थी, न पद था, न सिंहासन था, लेकिन हौसले इतने बुलंद…
गांधी की हत्या के बाद फाँसी तक के 655 दिनों में नाथूराम गोडसे इस भ्रम में जीता रहा कि उसने गांधी के साथ उनके विचारों को भी हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। लेकिन इतिहास ने साबित किया कि…
30 जनवरी 1948 की संध्या, बिड़ला भवन में प्रार्थना के लिए बढ़ते महात्मा गांधी “हे राम” के अंतिम शब्दों के साथ साकार से निराकार में विलीन हो गए। उनका महाप्रयाण केवल एक देह का अंत नहीं था, बल्कि सत्य, अहिंसा…
खुद को सनातनी हिन्दू मानने वाले महात्मा गांधी आखिर कैसे हिन्दू थे? क्या किसी खास धर्म का अनुयायी होने के साथ-साथ गांधी की तरह उदारता को आत्मसात किया जा सकता है? आज देश में धर्म के नाम पर काफी राजनैतिक…
किसी विचार को सीखने, समझने के लिए शिविर और संभाषण बेहतरीन माध्यम होते हैं। गांधी विचार को सीखने, समझने के लिए भी नारायण भाई देसाई और डॉ. एसएन सुब्बराव ने इन्हीं पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया था। क्या होता था,…
करीब साढ़े चार दशक पहले ‘सप्रेस’ के सम्पादक को दिए एक वीडियो साक्षात्कार में ‘तिल्दा-आश्रम’ के आंगन में राजगोपाल पीवी ने कहा था कि उनके पास ‘गांधी विचार से प्रेरित सौ-सवा सौ मजबूत, प्रशिक्षित कार्यकर्ता, करीब एक लाख रुपए और…
56 दिवसीय ‘’एक कदम गांधी के साथ’’ पैदल यात्रा का समापन नईदिल्ली, 26 नवंबर। वाराणसी से 2 अक्तूबर गांधी जयंती पर प्रारंभ हुई यात्रा “एक कदम गांधी के साथ’ का समापन 26 नवंबर संविधान दिवस पर दिल्ली के जंतर मंतर…
सर्व सेवा संघ की पदयात्रा — वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का 32वां दिन मुरादगंज (औरैया), 2 नवम्बर। सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा रविवार को अपने 32वें दिन साईं धर्मशाला से प्रस्थान…
वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा का 18 वां दिन लखनऊ | 19 अक्टूबर । वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा 18 वें दिन सेनानी विहार तेली बाग…