indian constitution

77वें गणतंत्र पर भारत : गर्व भी, प्रश्न भी, संकल्प भी

77वें गणतंत्र दिवस पर भारत अपनी उपलब्धियों पर गर्व करते हुए और चुनौतियों से आँख मिलाते हुए आत्ममंथन करता दिखाई देता है। युवा शक्ति, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी प्रगति देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है,…

लोकतांत्रिक आत्मा का जीवंत घोषणापत्र है संविधान

26 नवम्बर भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का वह ऐतिहासिक क्षण है, जब देश ने समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित अपने भविष्य की दिशा तय की। संविधान दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस आधुनिक चेतना का सम्मान है,…

डॉ. आंबेडकर बनाम बी.एन. राव विवाद : संवैधानिक इतिहास पर राजनीति से समाज में अशांति

मध्य प्रदेश में संविधान निर्माता को लेकर चल रहा विवाद दलित–सवर्ण तनाव बढ़ा रहा है। कुछ वकीलों की टिप्पणियों ने डॉ. आंबेडकर के योगदान पर सवाल उठाते हुए व्यापक विरोध और प्रदर्शन भड़का दिए हैं। इतिहास व संवैधानिक प्रक्रिया को…

दिलों को बांटता ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’

कहा जाता है कि हर देश की एक सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान में सेना का एक देश है। दो टुकडों में विभाजित और कई अन्य टुकडों में विभाजन के लिए तैयार उसी पाकिस्तान की सेना के मुखिया जनरल सैयद…

सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक अधिकार : मौसम और मजदूरी पर फैसले

आज के समय में जलवायु परिवर्तन और बेरोजगारी के मुद्दे हमारे सामने मुंह बाए खड़े हैं, इनसे निपटने के लिए सुप्रीमकोर्ट के फैसले भी मौजूद हैं, लेकिन किन्हीं अनजानी गफलतों, हितों या भूल जाने की राष्ट्रीय बीमारी के चलते उन्हें…