Gandhi

महात्‍मा गांधी – कुछ बेतरतीब नोट्स

रोजमर्रा के आमफहम जीवन को फिलहाल छोड भी दें तो महात्मा गांधी की ‘जयन्ती’ और ‘पुण्यतिथि’ की सालाना कवायद पर हम आम लोग कैसा महसूस करते हैं? ‘सप्रेस’ ने यही सवाल अपने एक वरिष्ठ साथी से किया। प्रस्तुत है, अपने…

बेरोजगारी के मुद्दे पर बड़े आंदोलन का आगाज;देश के विभिन्न हिस्सों में शुरू होगा आंदोलन

देश में बढ़ रही बेरोजगारी के सवाल पर एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व युवा संगठनों से बातचीत कर फाइनल ड्राफ्ट तैयार होगा। ‘रोजगार के अधिकार’, को मौलिक अधिकारों में शामिल कराने के…

गुजरात विद्यापीठ के 9 ट्रस्ट्रियों ने दिया इस्तीफा, नए गैर-गांधीवादी कुलपति की नियुक्ति से नाराज

महात्मा गाँधी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ के कुलपति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की नियुक्ति से नाराज 9 ट्रस्ट्रियों ने विद्यापीठ से इस्तीफा दे दिया। आचार्य देवव्रत की नियुक्ति को वह विद्यापीठ और…

गांधी के सपनों से कोसों दूर उनका अपना देश

गांधी जयंती पर विशेष   गांधी जी सही अर्थ में महात्मा थे। संसार के बहुत कम लोग इस अर्थ में महान हुए हैं, जिस अर्थ में मोहनदास करमचंद गांधी। वे महान पैदा नहीं हुए थे, न ही महानता उनपर थोपी…

महात्मा गांधी 153वां जन्मदिवस : हमारे दौर का ‘हिन्द स्वराज’

गाँधी की बात की जाए और ‘हिन्द स्वराज’ की बात न हो, यह मुमकिन नहीं। एक तरह से गांधी विचार का सारतत्व उम्र के चालीसवें साल में लिखी उनकी इसी छोटी सी पुस्तिका में है, लेकिन क्या ‘हिन्द स्वराज’ आज…

गांधी के सामने फिर से सावरकर

‘गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति’ की मासिक पत्रिका ‘अंतिम जन’ के ‘वीर सावरकर अंक’ ने एक बार फिर गांधी और सावरकर के विरोधाभासों को उजागर कर दिया है। गांधी जिन मूल्यों, विचारों को लेकर जीवनभर चले थे, सावरकर उसके ठीक…

श्रीलंका : सत्ताओं की सियासत

पडौसी श्रीलंका की मौजूदा उठा-पटक में वहां के भगोडे राष्ट्रपति नंदसेना गोटाबाया राजपक्षे को संकट में मिली मदद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्ताएं एक-दूसरे की मददगार होती हैं और वे सब अंतत: जनता की मुखालिफत…

आज के दौर में गांधी की अहमियत

हमारे समय की बदहाली से निपटने में महात्मा गांधी और उनके सिद्धांन्त एक कारगर औजार हो सकते हैं। हिंसा, आपसी वैमनस्य, गला-काट प्रतिस्पर्धा, साम्प्रदायिक कटुता आदि से निपटने और उनके सामने सीधे खडे हो पाने में गांधी के विचार ही…

लोकतंत्र को फासीवाद में बदलने से रोकना है : रामचंद्र राही

सर्व सेवा संघ का 89 वां अधिवेशन प्रारम्भ 17 जुलाई   सर्व सेवा संघ का 89 वां अधिवेशन आज  सूरत के दादा भगवान मंदिर परिसर में प्रारम्भ हुआ। शुरुआत में सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल, महामंत्री गौरांग महापात्र, मंत्री…

गांधी दर्शन और विचार समाचार

भोपाल में दो दिवसीय गांधीजन सम्मेलन का हुआ समापन, प्रदेश के 15 जिलों के लोगों ने लिया हिस्सा

भोपाल. 2 जुलाई । भोपाल के गांधी भवन न्‍यास में दो दिवसीय गांधीजन सम्मेलन का आयोजन 1 व 2 जुलाई को किया गया। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के गांधीजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुई।…