climate change

80वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत : शांति, विकास और सहयोग की दिशा में विश्व का विमर्श

संयुक्त राष्ट्र की 80वीं महासभा न्यूयॉर्क में ‘बेटर टूगेदर’ के नारे के साथ शुरू हुई, जिसमें शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया गया। युवा अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने अपने विजन में इसे स्पष्ट किया। महासभा…

प्राकृतिक आपदा : उत्तराखंड में जल-प्रलय

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में खीरगंगा और धराली में फटे बादलों ने एक बार फिर देवभूमि को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। 50 से अधिक घर, 30 होटल और 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। यह कोई आकस्मिक…

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बढ़ते खतरे पर चेतावनी, जलवायु अनुकूलन नीति की मांग

जबलपुर 9 जुलाई । मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और असामान्य मौसमीय घटनाओं को लेकर बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ ने गहरी चिंता जताई है। संघ के राज कुमार सिन्हा ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा…

Environmental refugees : दुनिया में पर्यावरण शरणार्थियों की बढ़ती समस्या

जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं अब सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि मानवीय संकट बन चुकी हैं। पिछले एक दशक में दुनिया भर में करोड़ों लोग बाढ़, सूखा, तूफान और समुद्र स्तर बढ़ने के कारण अपने घरों से उजड़ चुके हैं। विशेष…

मुंबई : नदियों को डुबाने से डूबती है मायानगरी

मुंबई में समय से पहले और तीव्र बरसात ने एक बार फिर दिखा दिया कि यह महानगर जलवायु परिवर्तन का नहीं, अपने ही विकास मॉडल का शिकार है। जलभराव का कारण न सिर्फ पुरानी सीवर व्यवस्था है, बल्कि मीठी, दहिसर,…

संकट में पहाड़, मनुष्य और पर्यावरण

गांधी विचार को मानने वालों में बेहद वरिष्ठ और सम्मानित राधा बहन अपनी देशभर की अनेक जिम्मेदारियों के अलावा बरसों से हिमालय में रहकर उसकी बर्बादी भी देख रही हैं। वे बस भर उन योजनाओं पर उंगली उठाती रहती हैं…

बीमार झीलों को कैसे बचाएं?

झीलें और तालाब स्थानीय समाज के लिए पानी के अविरल स्रोत की तरह पहचाने जाते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि ये ही समाज अपने पडौस के इन जलस्रोतों को लगातार बिगड़ने में लगा हैं। क्या हो, यदि झीलों-तालाबों को…

Climate change : आग से जूझते जंगल

आजकल दुनियाभर में जंगल की आग सचमुच ‘जंगल की आग’ की तरह फैल रही है। सुदूर अमरीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से लगाकर हमारे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तक दावाग्नि की चपेट में आ रहे हैं। कैसे निपटें इस संकट से? दुनिया…

बेहतर समाज के लिए साम्प्रदायिक सद्भाव की रक्षा करें

सत्ता पर काबिज होने की ललक ने हमारी राजनीतिक जमातों को साम्प्रदायिक बना डाला है, लेकिन क्या इससे हम एक बेहतर समाज बना पाएंगे? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता कुलभूषण उपमन्यु का यह लेख। हम भाजपाई हो सकते हैं…

सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक अधिकार : मौसम और मजदूरी पर फैसले

आज के समय में जलवायु परिवर्तन और बेरोजगारी के मुद्दे हमारे सामने मुंह बाए खड़े हैं, इनसे निपटने के लिए सुप्रीमकोर्ट के फैसले भी मौजूद हैं, लेकिन किन्हीं अनजानी गफलतों, हितों या भूल जाने की राष्ट्रीय बीमारी के चलते उन्हें…