Bhoodan Movement

गांधी की सीख और आज की राजनीति का यथार्थ

करीब साढ़े चार दशक पहले ‘सप्रेस’ के सम्पादक को दिए एक वीडियो साक्षात्कार में ‘तिल्दा-आश्रम’ के आंगन में राजगोपाल पीवी ने कहा था कि उनके पास ‘गांधी विचार से प्रेरित सौ-सवा सौ मजबूत, प्रशिक्षित कार्यकर्ता, करीब एक लाख रुपए और…

गांधी दर्शन और विचार शख्सियत

आचार्य विनोबा भावे: अहिंसा, सेवा और सामाजिक न्याय की शाश्वत दृष्टि

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार के इतिहास में आचार्य विनोबा भावे का व्यक्तित्व अद्वितीय और प्रेरक रहा है। गांधीजी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा ने अहिंसा, सेवा और आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाया। भूदान आंदोलन, सर्वोदय…

आचार्य विनोबा भावे : आश्रम जीवन से सर्वोदय की ओर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी आचार्य विनोबा भावे स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम सत्याग्रही, भूदान-ग्रामदान आंदोलन के प्रवर्तक और ग्रामस्वराज के सशक्त प्रवक्ता रहे। महाराष्ट्र के गगोडा गाँव में जन्मे विनोबा ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान और सामाजिक सुधार…

दिल्ली में 31 अगस्त को गांधीवादी चिंतक और ग्रामीण प्रौद्योगिकी के पुरोधा देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी पर राष्‍ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरणविद् चंडीप्रसाद भट्ट होंगे मुख्य वक्ता, देशभर के कई चिंतक करेंगे सहभागिता नई दिल्ली,28 अगस्‍त। गांधीवादी चिंतक और ग्रामीण प्रौद्योगिकी को जीवन का ध्येय बनाने वाले देवेंद्र भाई गुप्ता की जन्मशताब्दी वर्ष पर 31 अगस्त…

. . .जब ‘सरदार सरोवर’ को ‘नवागाम बांध’ कहा जाता था !  

राजेन्द्र जोशी चार दशकों के ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ की वर्षगांठ पर यह जानना बेहद रोचक हो सकता है आखिर इस लंबे संघर्ष कि शुरुआत कैसे हुई थी? कौन लोग थे जिन्हें पानी और उसके लिए बांधों की जरूरत के उस…

18 अप्रैल: भूदान आंदोलन के माध्यम से संत विनोबा की अहिंसक क्रांति

जब दुनिया ने बदलाव के लिए हिंसा का शोर चुना, तब विनोबा भावे ने मौन पदचाप से क्रांति की इबारत लिखी। 18 अप्रैल 1951 को पोचमपल्ली से शुरू हुआ भूदान आंदोलन इस विश्वास का प्रतीक बन गया कि सच्चा परिवर्तन…

Sarva Sewa Sangh building demolished : विरासत को बचाने में लगी गांधी-बिरादरी

गांधी की विरासत को दुश्मन मानकर ध्वस्त करने में लगी मौजूदा सत्ता को प्रधानमंत्री के एन चुनाव क्षेत्र बनारस से एक बार फिर चुनौती दी जा रही है। उम्मीद है, अहिंसक तरीकों से चलने वाला 100 दिन का यह सत्याग्रह…

भूदान आंदोलन के बाद अब भू-मुक्ति

पचास के दशक में विनोबा भावे की अगुआई में शुरु हुआ ‘भूदान आंदोलन’ अब किस परिस्थिति में है? क्या उसने अपने घोषित उद्देश्यों में कुछ हासिल किया है? आज भूमि वितरण के इस महायज्ञ में क्या जोडा जा सकता है?…