देश में 60-62 फीसदी सिंचाई के लिए जिम्मेदार मानसून बहुत आनंददायी होता है। उत्सव के दर्जे का ऐसा मानसून अपने साथ कई ऐसी आपदाएं भी लाता है जिनसे निपट पाना अक्सर कठिन होता है। मानसून एक तरफ जहां आनंद, उल्लास और…
सभी जानते हैं कि वाष्पीकरण के चलते बादल बनते हैं और बरसात होती है, लेकिन क्या ये बादल विशेष प्रकार की पत्तियों वाले जंगलों में भी बन सकते हैं? खासकर उन जंगलों में जो वाष्पीकरण वाले तटीय इलाकों से बहुत…
देशभर में जलस्रोतों को जिस हिंसक क्रूरता के साथ ध्वस्त किया जा रहा है, उससे एक समाज की हैसियत से अपने आत्महंता होने की तस्दीक तो होती ही है। बेंगलुरु समेत मुम्बई, चेन्नई, पुणे, दिल्ली, कोलकता, इंदौर, भोपाल जैसे नगर-महानगर…
विकास की तरह-तरह की किस्सा-गोइयों के बावजूद हमारे देश में सिंचित कृषि का कुल रकबा अब भी 40 फीसदी के आसपास ही है। जाहिर है, खेती की बाकी जरूरत का पानी मानसून की बरसात की उम्मीदों पर टिका होता है।…
जलवायु परिवर्तन के कारण तटीय भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात बढ़ रहे हैं, अनियोजित विकास इन शहरों की भेद्यता में इजाफा करता है। उदाहरण के लिए, पिछले एक दशक में भारत में बाढ़ से 3 अरब डॉलर की आर्थिक क्षति हुई…