महात्मा गांधी

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर ‘पहली तारीख’ में कला और कविता का संगम

भोपाल, 1 अक्‍टूबर। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर ‘पहली तारीख’ का 18वाँ आयोजन हर बार की तरह गांधी भवन, एकता परिषद में हुआ। इस बार का आयोजन कला, कविता और संवाद का अनूठा संगम साबित हुआ। प्रसिद्ध कलाकार विक्रम…

कटुताओं और विभाजनों के इस दौर में महात्‍मा गांधी ही हैं हमारी एकमात्र उम्मीद

इंदौर में सेवा सुरभि द्वारा आयोजित गांधी जयंती व्याख्यान में राहुल देव का उद्बोधन इंदौर, 28 सितम्बर। “आज  के हर मोहल्ले और हर शहर में दस-दस, पचास-पचास गांधी चाहिए। जब तक गांधी की राह पर चलने वाले लोग सामने नहीं…

” जब फिल्म ‘गांधी’ मनीला में प्रदर्शित हुई..”

एक संस्मरण:  बयालीस साल पहले हाल ही में 29 अगस्त को “गांधी” फिल्म के निर्देशक एटनबरो की पुण्यतिथि थी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए “गांधी” फिल्म की श्रेष्ठता का वर्णन किया है। तानाशाही के विरोध…

डॉ. देवेंद्र कुमार गुप्ता : गांधीवादी विचार को ग्रामीण प्रौद्योगिकी से जोड़ने वाले प्रयोगधर्मी

डॉ. देवेंद्र कुमार गुप्ता ने विज्ञान को गांव की मिट्टी, समाज और सेवा से जोड़ा। गांधी, विनोबा और ठक्कर बापा की प्रेरणा से उन्होंने ऐसी तकनीकें विकसित कीं, जो गरीबों, महिलाओं और किसानों की गरिमा बढ़ाने वाली थीं। जन्मशताब्दी वर्ष…

NCERT module : विभाजन की अपूर्ण कथा और इतिहास की चुनिंदा प्रस्तुति

भारत विभाजन की त्रासदी को लेकर सत्ता समर्थक लेखक और एनसीईआरटी का नया मॉड्यूल इतिहास को अधूरा व पक्षपाती रूप में पेश करते हैं। हिंदू महासभा-आरएसएस की भूमिका गायब है, नेहरू–पटेल का असमान चित्रण है और अंग्रेज़ों की जिम्मेदारी को…

विचार : लोगों को जोड़ने के लिए अहिंसक आंदोलन

हम चाहें या ना चाहें, इंसानियत को बचाए रखने के लिए अहिंसक, लोकतांत्रिक और मानवीय प्रयासों की ही जरूरत पड़ती है। ये प्रयास सामूहिक हों तो और बेहतर। ऐसे प्रयासों को कारगर बनाने के लिए उन्हें लगातार याद करते रहना…

वरिष्ठ गांधीवादी विचारक रामचंद्र राही को मिलेगा द्वितीय पी. गोपीनाथन नायर पुरस्कार

तिरुवनंतपुरम के निकट नेय्याटिंकारा में होगा सम्मान समारोह तिरुवनंतपुरम, 5 जुलाई। वरिष्ठ गांधीवादी विचारक, लेखक एवं केंद्रीय गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष श्री रामचंद्र राही को दूसरे ‘पी. गोपीनाथन नायर पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार के अंतर्गत ₹50,000…

प्रकृति का पर्यावरण

पर्यावरण का जो संकट अब ठेठ हमारी देहरी तक पहुंच गया है और जिसे लेकर सालाना कर्मकांड की तरह कई दिवस भी मना लेते हैं, क्या वह हमारे ही जीवन-यापन के धतकरमों का नतीजा नहीं है? मसलन, दिनों-दिन बढ़ता-फैलता कचरे…

गांधीजी की दृष्टि और पश्चिम एशिया का संकट

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अमीर ‘मित्र-राष्ट्र’ दुनिया का हिस्सा-बांटा कर रहे थे, भारत में महात्मा गांधी शांतिपूर्ण, अहिंसक और दोस्ताना दुनिया के भविष्य की जुगत बिठा रहे थे। क्या 80-85 साल पहले दुनिया के सत्ताधारियों, खासकर पश्चिम एशिया के…

गांधी विचार चिंतन शिविर में पारित हुआ ‘कौसानी घोषणा पत्र’ — युवाओं ने लिया रचनात्मक कार्य में भागीदारी का संकल्प

कौसानी, उत्तराखंड, 9 जून। Youth for Truth’ के तत्वावधान में 7 से 9 जून 2025 के बीच कौसानी के ऐतिहासिक अनासक्ति आश्रम में त्रिदिवसीय गांधी विचार चिंतन शिविर सम्‍पन्‍न हुआ। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा…