हमारा पैसा हमारा हिसाब

पहाड़ों पर एक और मानव निर्मित आपदा | हमारा पैसा हमारा हिसाब

उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को 17 दिन बाद निकाला गया है, लेकिन पहाड़ों की नाजुक हालत और विकास की परिकल्पना हमारे सामने है। पिछले ही महीने सिक्किम की बाढ़ भी मानव निर्मित कारणों से ज्यादा तबाही लेकर…

Central Govt. Funds : अबकी बार राज्यों पर वार

केंद्र सरकार ने केरल की उधार लेने की क्षमता पर अनुचित प्रतिबंध लगाकर एक ही झटके में उससे लगभग 15000 करोड़ छीन लिए है। इस कारण निकट भविष्य में केरल गंभीर वित्तीय संकट में पड़ सकता है, जिससे इसकी कई…

गायब हो रहे Non-AC कोच: रेलवे की संगठित लूट? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

भारतीय रेल Non-AC डब्बों को ख़त्म करने जा रहा है। कुछ धीमी गति की रेलों और लोकल रेलों को छोड़कर, सभी रेलों में केवल वातानुकूलित air-conditioned डिब्बे ही होंगे। अपने पुराने मूल्यों से हटकर लगता है रेलवे अब बस लाभ…

नयी पेंशन योजना या पुरानी पेंशन योजना? क्या है असल कहानी?

दो दशक तक नई पेंशन योजना को आज़माने के बाद कई राज्य फिर से पुरानी की ओर जा रहे हैं। लाखों कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर जीवन की मांग कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार बार बार वित्तीय संकट का…

क्यों फेल हो रहे हैं अमेरिका के बैंक? भारतीय बैंकों पर क्या असर होगा?

क्यों फेल हो रहे हैं अमेरिका के बैंक? भारतीय बैंकों पर क्या असर होगा? | हमारा पैसा हमारा हिसाब अचानक से एक के बाद एक अमेरिकी बैंक धराशायी हो रहे है। इस बार बॉन्ड मार्केट्स ने उन्हें फेल कर दिया…

कहाँ है एलपीजी सब्सिडी? सरकारी चोरी की कहानी!

गरीब से गरीब के नाम पर सभी को एलपीजी सब्सिडी से बाहर कर दिया गया है। पहले तो नेक काम के नाम पर सब्सिडी छुड़वाई गयी और अब वो गायब ही है। आज एक सिलेंडर की कीमत 1053 रुपये है…

घोटालों की जांच: एक फ्लॉप शो हमारा पैसा हमारा हिसाब

क्या आप जानते हैं कि हर्षद मेहता केस अब भी अदालत में चल रहा है? सत्यम घोटाले और एनएसई को-लोकेशन घोटाले के आरोपियों ने हाल ही में सेबी के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीत ली है? केतन पारेख घोटाले में अडानी…

अडानी के शेयर गिरने का सच | हमारा पैसा हमारा हिसाब

हिंडनबर्ग रिपोर्ट और अडानी के शेयरों का गिरना, एक कहीं गहरे संकट की निशानी है। और इसका असर शेयर बाजार में हुए नुकसान से कहीं ज्यादा गंभीर है। सारे ही देश को एक आत्म-विश्लेषण की जरूरत है, क्योंकि इस संकट…

दशक का सबसे क्रूर बजट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

जब देश के ज्यादातर लोगों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, सरकार ने उन्हें छोड़ दिया है। लगभग सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में आवंटन कम करके सरकार ने अपने ही लोगों पर घातक…

दशक का सबसे महत्वपूर्ण बजट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

भारत की अर्थव्यवस्था एक नाज़ुक मोड़ पर है। आज हम जो रास्ता चुनेंगे वो आने वाले कई सालों तक हमारे भविष्य को दिशा देगा। न केवल भविष्य, बल्कि लाखों नागरिकों का वर्तमान भी इस बजट पर निर्भर है। आशा करते…