Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

दशक का सबसे क्रूर बजट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

जब देश के ज्यादातर लोगों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, सरकार ने उन्हें छोड़ दिया है। लगभग सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में आवंटन कम करके सरकार ने अपने ही लोगों पर घातक प्रहार किया है। जैसे-जैसे मंदी आएगी, स्थिति और चिंताजनक बनती जाएगी। क्या सरकार ही स्तिथि के बिगड़ने का इंतजार कर रही है ताकि आखिरी मुकाम पर अन्नदाता की छवि पेश कर सकें? इन्ही सवालों के संदर्भ में पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्‍दारा तैयार ‘हमारा पैसा हमारा हिसाब‘ का नया एपिसोड।
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अनशन से आगे का संघर्ष: सोनम वांगचुक से उठी एक ऐसी अपील, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को छू लिया

लोकतांत्रिक आंदोलनों का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन नैतिक दुविधाओं का भी इतिहास है, जहाँ एक ओर सिद्धांतों के लिए जीवन दांव पर लगा होता है और दूसरी ओर वही जीवन आंदोलन की सबसे बड़ी पूंजी

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सोनम वांगचुक :  अनशन नहीं, सत्ता का चरित्र बदला है

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अब केवल शिक्षा सुधार या एक मंत्री की जवाबदेही का प्रश्न नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिरोध की प्रभावशीलता की भी परीक्षा बन चुका है। इसी बीच न्यायालय ने उनके जीवन की रक्षा को

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यात्रा-वृत्तांत : अनोखी है बैतूल की भू-संस्कृति

भारत की विविध भू-संस्कृतियों की खोज में बैतूल एक ऐसा पड़ाव है, जहाँ प्रकृति, लोकजीवन, आस्था और सामुदायिक संस्कृति एक-दूसरे में सहज रूप से घुली-मिली दिखाई देती हैं। यह यात्रा-वृत्तांत एक शोधार्थी की आँखों से बैतूल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक

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