देश में बढ़ रही बेरोजगारी के सवाल पर एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व युवा संगठनों से बातचीत कर फाइनल ड्राफ्ट तैयार होगा। ‘रोजगार के अधिकार’, को मौलिक अधिकारों में शामिल कराने के…
कहा जाता है कि राजनीति का कुल मतलब ‘रोटी’ और ‘सर्कस’ होता है, लेकिन लगता है, मौजूदा सत्ता केवल ‘सर्कस’ को ही अहमियत दे रही है। नतीजे में एक तरफ भुखमरी, बेरोजगारी, बीमारी जैसी व्याधियां हैं, तो दूसरी तरफ, रोज…
बेरोजगारी की विडंबना का एक नमूना यह भी है कि एक तरफ लाखों सरकारी पद खाली पडे हैं और उन्हें भरने के लिए जगह-जगह से मांगें तक उठ रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ, बाकायदा प्रशिक्षित, अनुभवी उम्मीदवार बेरोजगारी भुगत रहे…
मौजूदा स्थितियां बता रही हैं कि अगर बेकारी एक समृद्ध अर्थव्यवस्था में आएगी तो लोगों के पास समय रहेगा और वे अपने समुदाय की सेवा और भलाई पर ध्यान देंगे। बच्चों और बूढ़ों की देखभाल करेंगे और अच्छा साहित्य और…