समाज

केपी शशि : कमाल के रचनात्मक कॉमरेड

वैकल्पिक सिनेमा और राजनीति के चर्चित हस्ताक्षर केपी शशि अभी कुछ दिन पहले हमें सदा के लिए छोडकर गए हैं। ‘सर्वोदय प्रेस सर्विस’ के साथ उनकी अनेक यादें जुडी हैं। प्रस्तुत है, केपी शशि का संक्षिप्त परिचय देता यह लेख।…

सिनेमा : ‘पठान’ पर उठते प्रश्न

इन दिनों शाहरुख खान-दीपिका पदुकोण की फिल्म ‘पठान,’ हीरोइन द्वारा पहनी गई बिकिनी के भगवा रंग के कारण बवाल में है, लेकिन क्या यह केवल किसी खास रंग के मामूली बित्तेभर कपडे भर की बात है? क्या इस फिल्म ने…

मध्यकालीन इतिहास में मोहब्बत के संदेश

जातियों और धर्मों में विभाजित हमारे समाज का एक बडा संकट, एक-दूसरे की अज्ञानता से उपजी हिंसक असहमतियां भी हैं। कतिपय राजनीतिक जमातें इसी अज्ञानता का लाभ लेकर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भडकाती रहती हैं। मसलन – मध्यकालीन इतिहास…

म़ीडिया : अगड़ी जातियों की गिरफ्त में म़ीडिया

एक ठीक दर्शक या पाठक की तरह आंख-कान खोलकर देखें तो अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों जैसे तबकों को मीडिया में मिलने वाली नगण्‍य सी जगहें साफ देखी जा सकती हैं। विडंबना यह है कि हमारी कुल आबादी में ये…

आत्महंता समय और समाज : ‘कॉप – 27’ भी क्या कर लेगा?

इन दिनों, छह से 18 नवंबर ’22 के दौरान, मिस्र के शर्म-अल-शेख में ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ का सालाना जलवायु सम्मेलन, कॉप-27 जारी है। इसमें दुनिया भर के करीब सौ राष्ट्र-प्रमुख बढती गर्मी और नतीजे में भीषण जलवायु-परिवर्तन पर विचार-विमर्श कर…

अवसाद की असलियत : समझ कम, सुविधाएं नाकाफी

वैसे हमारे समाज में अवसाद कोई संकट नहीं माना जाता, लेकिन अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढती आत्महत्याओं ने इस मान्यता को खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र, मध्‍यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यहां तक कि पंजाब सरीखे ‘हरित-क्रांति’ वाले राज्यों…

समाज में धर्म : करुणा से करीबी और कट्टरता से किनारा

इस समय में भी धर्म को लेकर कट्टरता और क्रूरता, संकीर्णता और अंधविश्वास की प्रवृत्तियां जोर पकड़ रही हैं। ऐसे समय में जब धर्म आपस में वैमनस्यता बढाने के लिए उपयोग किए जा रहे हों, कैसे धर्म की जरूरत होगी?…

स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को जमीनी एवं व्यावहारिक सच्‍चाईयों के साथ काम करना चाहिए – पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन

भोपाल, 29 सितंबर। स्वयंसेवी संस्थाओं की नेटवर्किंग एवं कार्यकर्ताओं के दक्षता विकास में संलग्‍न एनजीओ पाठशाला ने अपने द्वितीय स्‍थापना दिवस के मौके पर 28 सितम्बर को समर्थन संस्था परिसर, भोपाल में अंतरराष्‍ट्रीय ख्याति प्राप्‍त वरिष्‍ठ सामााजिक कार्यकर्त्‍ता पद्मश्री डॉ….

टिप्पणी : किस्सों की ‘रेत-समाधि’

डेढ़ महीने पहले हिन्दी की लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘टूम ऑफ सैंड’ को ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’ से नवाजा गया है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होने वाला किसी भारतीय भाषा का यह पहला उपन्यास…

सामयिक : राज्य की हिंसा बनाम समाज की हिंसा

सेना में चार साल की भर्ती के लिए प्रस्तावित ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर खासतौर पर युवाओं में बवाल मचा है। क्या यह हिंसक प्रतिरोध पिछले सालों के सरकार के व्यवहार का प्रतिफल नहीं है? सरकार इसी योजना को सबसे बातचीत…