दीये की लौ : साधना तथा समर्पण की मिसाल
दीया निहायत सात्विक, सौम्य, शांत और स्निग्ध रोशनी का संचार करता है। दीये की लौ साधना तथा समर्पण की मिसाल है। उसकी सत्ता शाश्वत है। अंधेरी रात जलती दीपमाला निराशा पर आशा का ध्वज फहराती है, दुख से हर्ष की…
दीपावली : पटाखों को ना कहिए
दीपावली के दौरान छोड़े गए पटाखों से वातावरण में न केवल खतरनाक रसायन घुल जाते हैं बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी हमारे सुनने की क्षमता पर प्रतिकूल असर डालता है। लोगों के कान 85 डेसिबल तक की ध्वनि सहन कर सकते…
कुत्ते : अच्छे-खासे दोस्त, बन गए कटखन्ने
देश में हर साल करीब पौने दो करोड़ लोगों को कुत्ते काट लेते हैं| इनमें से अठारह से बीस हज़ार इंसानों को हर साल रेबीज़ Rabies होता है| रेबीज़ कुत्तों से इंसानों में होने वाला गंभीर रोग है| यह बिल्ली…
बच्चों में बीमारी : डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य
अब तक जीवन-पद्धति से उपजी मानी जाने वाली बीमारी डायबिटीज या मधुमेह अब छोटे बच्चों में भी अपने पैर पसारने लगी है। जाहिर है, यह परिस्थिति सरकार, समाज और परिवार, सभी के सरोकार की है। अपने पास-पडौस के किसी बच्चे…
NSS : 54 साल की ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’
24 सितम्बर 1969 को शुरु हुई ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ National Service Scheme (एनएसएस) राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु एक सक्रिय कार्यक्रम है जिसने अपने आधी सदी से अधिक के जीवन में अनेक उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं। प्रस्तुत…
ब्राजील से ”विश्व जल शांति अभियान” का आगाज : अहिंसामय समाज के निर्माण की पहल
मानवता पर आए संकट का समाधान अब प्राकृतिक सुरक्षा में ही है। आज का हमारा आर्थिक ढांचा बहुत विस्तार पा गया है। इससे जलवायु परिवर्तन के संकट ने चारों ओर असुरक्षा पैदा कर दी है। इस प्राकृतिक सुरक्षा कवच की…
सनातन धर्म : द्रविड़ और सनातन सभ्यता का द्वन्द
राजनीतिक क्षितिज में द्रविड़ विरुद्ध आर्य का विवाद बहुत पुराने समय से चल रहा है और इस विवाद के चलते सर्वमान्य हल निकालने के जो प्रयास हुए उसका साक्ष्य हमें भारत के संविधान की रचना के समय हुए वाद विवाद…
Diabetes मधुमेह की चपेट में बच्चे
यह जानना विचित्र और बेहद दुखद है कि मधुमेह diabetes की बीमारी अब बच्चों को भी विस्तार से अपनी गिरफ्त में ले चुकी है। पहले इस बीमारी को अमीरों, उम्रदराजों और खाए-अघाए लोगों की आफत माना जाता था,लेकिन आंकड़े बताते…
वर्ग और जाति के द्वन्द्व से उबारता एक उपन्यास ‘करिसल’ (‘ब्लैक सॉइल’)
पोन्नीलन के उपन्यास ‘करिसल’ के अंग्रेजी अनुवाद Black Soil ‘ब्लैक सॉइल’ का लोकार्पण व पुस्तक चर्चा जगदीश चंद पिछले दिनों तमिल भाषा के मशहूर लेखक, साहित्य अकादमी से सम्मानित और प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पोन्नीलन के तमिल में…
चिंतन : भय से भयभीत समाज
व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के लिए भय एक ऐसी बीमारी है जो सतत कमजोर करती है। लालच, प्रतिस्पर्धा, हायरार्की यानि श्रेणी-बद्धता आदि वजहों से भय फलता-फूलता है और नतीजे में एक-दूसरे से डरते हुए हम लगातार कमजोर होते जाते हैं।…









