जल, जंगल, जमीन

पहाड़ को क्रांक्रीट का नहीं, अपने नैसर्गिक स्वरूप का विकास चाहिए

यूं तो हमारे देश में विकास की मौजूदा अवधारणा कहीं भी कारगर होती दिखाई नहीं देती, लेकिन पहाड़ों, खासकर नए और अभी बन ही रहे हिमालय पर इस विकास की व्यापक मार तेजी से दिखाई दे रही है। पिछले कुछ…

मध्यप्रदेश/उत्तरप्रदेश : कितने लाभ के लिए केन-बेतवा जोड़

बरसों से नदी-जोड़ परियोजना का सपना देखने वालों को अब देश के तीस उत्कृष्ट विद्वान पर्यावरणविदों की चुनौती मिली है। इस योजना के तहत काटे जाने वाले जंगल तथा पेड़ों से वन्य-जीवन, जैव-विविधता तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव निश्चित रूप…

130 ‘पर्यावरण सांसदों’ की राय में पर्यावरण और बुंदेलखंड के मसले को लेकर गंभीर नहीं हैं सरकारें

12 घंटे चली पर्यावरण संसद में केन बेतवा लिंक, बकस्वाहा जंगल, शैल चित्र से संबंधित प्रस्ताव पारित किये भोपाल।  बकस्वाहा जंगल और केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें पर्यावरण और बुंदेलखंड के प्रति गंभीर नहीं हैं।…

अभयारण्य से भयभीत गांव

अपने आकार के करीब एक चौथाई इलाके में जंगल वाले मध्यप्रदेश में नए अभयारण्यों का प्रस्ताव आया है। ऐसे में उन लोगों को क्या होगा जो इन जंगलों को अपना माई-बाप मानकर उन पर निर्भर जीवन जीते और एन उसके…

पर्यावरण : हीरे से महंगी हरीतिमा

छतरपुर जिले के बक्सवाहा में हीरे के लिए काटे जाने वाले जंगलों की कीमत आखिर क्या है? जिस तरह हीरे की कीमत उसकी कठोरता और चमक आदि के आधार पर तय की जाती है, ठीक उसी तरह पेडों की कीमत…

नर्मदा को निगलती ‘विकास’ परियोजनाएं

आधुनिक विकास को विनाश में तब्दील होते देखना हो तो देश के ठीक बीच से प्रवाहित नर्मदा नदी के साथ किया जाने वाला दुर्व्यवहार देख लेना चाहिए। यह जानना सचमुच बेहद दुखदायी है कि कोई सत्ता और समाज कैसे अपनी…

पेड़-पौधों की सौगात है, प्राणवायु

कोविड-19 महामारी ने हमारे आसपास अपने गंधहीन, रंगहीन स्वरूप में मौजूद तत्व ऑक्सीजन की अहमियत उजागर कर दी है। यह ऑक्सीजन या प्राणवायु प्रकृति के जिस खजाने से मिलती है, उसकी हम कितनी परवाह करते हैं? क्या हम खुद अपने…

नर्मदा बचाओ आंदोलन के 36 साल पूरे होने पर जन संसद का आयोजन

बडवानी । नर्मदा बचाओ आंदोलन के 36 वर्ष पूर्ण होने पर बडवानी में आज किसान मजदूर जन संसद का आयोजन किया गया। जिसमें मध्य प्रदेश ,गुजरात और महाराष्ट्र के हजारों किसानों ने शिरकत की। वहीं नर्मदा घाटी के गांव गांव…

बर्बादी के कगार पर हिमालय

संदर्भः हिमाचल में पहाड़ दरकने की घटना हिमाचल-प्रदेश के किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भू-स्खलन इस बात का संकेत है कि आधुनिक विकास ने पूरे हिमालय क्षेत्र को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। इस हादसे में…

जंगल बचाने की चुनौती

हाल के दिनों में बुंदेलखंड के बक्सवाहा इलाके में हीरा-खनन की खातिर लाखों पेड़ों की बलि देने की प्रस्तावित परियोजना ने सभी का ध्यान खींचा है। हीरा बनाम प्राणवायु की इस बहस में देशभर के लोग हिस्सेदारी कर रहे हैं।…