गांधी निर्वाण दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि इतिहास से सामना करने की जिम्मेदारी भी है। तुषार गांधी की पुस्तक “Let’s Kill Gandhi” उस सच को उजागर करती है, जिसे वर्षों से ढका गया। यह बताती है कि गांधी…
किसी विचार को सीखने, समझने के लिए शिविर और संभाषण बेहतरीन माध्यम होते हैं। गांधी विचार को सीखने, समझने के लिए भी नारायण भाई देसाई और डॉ. एसएन सुब्बराव ने इन्हीं पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया था। क्या होता था,…
करीब साढ़े चार दशक पहले ‘सप्रेस’ के सम्पादक को दिए एक वीडियो साक्षात्कार में ‘तिल्दा-आश्रम’ के आंगन में राजगोपाल पीवी ने कहा था कि उनके पास ‘गांधी विचार से प्रेरित सौ-सवा सौ मजबूत, प्रशिक्षित कार्यकर्ता, करीब एक लाख रुपए और…
माणकचंद कटारिया की जन्मशताब्दी पर स्मरण–संवाद कार्यक्रम में ‘अहिंसा कुछ करने को कहती है’ का विमोचन इंदौर, 14 दिसंबर। ‘’माणकचंद कटारिया मध्यप्रदेश के गांधी ही नहीं, बल्कि अपने समय की एक आंधी भी थे। उन्होंने हर उस मुद्दे पर लिखा…
स्वतंत्रता संग्राम के सक्रिय साक्षी और गांधीवादी विचारक माणकचंद कटारिया (1925–1977) का जीवन सेवा, वैचारिक स्पष्टता और आत्मसंयम की मिसाल है। बाल्यावस्था से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय कटारिया ने राजनीति से अधिक समाज-निर्माण को महत्व दिया। इस गांधीवादी विचारक की…
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य और सामाजिक सुधार के प्रमुख स्तंभ काका साहेब कालेकर न केवल गांधीजी के निकटतम सहयोगी थे, बल्कि भाषा, शिक्षा, नैतिकता और सामाजिक न्याय के प्रखर विचारक भी रहे। शिक्षक, साहित्यकार, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी के रूप…
नईदिल्ली, 30 नवंबर। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और गांधी विचार के अध्येता अरविन्द मोहन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए स्वतंत्रता सेनानी सुचेता कृपलानी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण बलिदान दिया ताकि राष्ट्रीय आंदोलन का कार्य बिना…
कटनी, 29 नवंबर। मानव जीवन विकास समिति (MJVS) ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह का आयोजन शहर में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक श्री राजगोपाल पी. व्ही. ने की। इस अवसर पर…
56 दिवसीय ‘’एक कदम गांधी के साथ’’ पैदल यात्रा का समापन नईदिल्ली, 26 नवंबर। वाराणसी से 2 अक्तूबर गांधी जयंती पर प्रारंभ हुई यात्रा “एक कदम गांधी के साथ’ का समापन 26 नवंबर संविधान दिवस पर दिल्ली के जंतर मंतर…
धीरेन्द्र मजूमदार भारतीय रचनात्मक आंदोलन के उन तेजस्वी व्यक्तित्वों में थे, जिनमें विचार की पारदर्शिता और कर्म की प्रतिबद्धता अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रवाहित होती थी। धीरेन्द्रदा के नाम से पहचाने जाने वाले इस गांधीवादी कार्यकर्ता ने साधना, सेवा और…