विकास

संविधान बनाम खनन : पचामा दादर में पर्यावरणीय न्याय की परीक्षा

मध्यप्रदेश के बालाघाट स्थित पचामा दादर बॉक्साइट ब्लॉक की प्रस्तावित खनन परियोजना पर्यावरणीय मानकों, जल संसाधन आकलन और वनाधिकार प्रावधानों की गंभीर अनदेखी के आरोपों में घिर गई है। अधूरी ईआईए रिपोर्ट, घटते भूजल स्तर, समृद्ध जैव विविधता वाले वन…

77वें गणतंत्र पर भारत : गर्व भी, प्रश्न भी, संकल्प भी

77वें गणतंत्र दिवस पर भारत अपनी उपलब्धियों पर गर्व करते हुए और चुनौतियों से आँख मिलाते हुए आत्ममंथन करता दिखाई देता है। युवा शक्ति, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी प्रगति देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है,…

बढ़ते शहरीकरण में पिछड़ता कचरा प्रबंधन

देश के दस लाख आबादी से अधिक के शहरों में इंदौर को स्वच्छता में अव्वल माना गया है, लेकिन हाल में उसी इंदौर में प्रदूषित पानी पीकर दस लोगों को अपनी जान गंवाना पड़ी और करीब 150 लोग बीमार हुए…

इंदौर : स्वच्छता के तमगे और दूषित पानी की सच्चाई 

इंदौर को वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा मिलता रहा है, लेकिन दूषित पेयजल से हुई 14 मौतों ने इस छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा बताता है कि स्वच्छता के दावों के…

अब तक लटका है, ‘सरदार सरोवर’ का पुनर्वास

‘सरदार सरोवर’ के शुरुआती दौर में तब के ‘नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण’ के उपाध्यक्ष सुशीलचन्द्र वर्मा ने अपनी किताब में दुनिया का सर्वोत्तम विस्थापन-पुनर्वास बताते हुए जिस तरह परियोजना के कसीदे पढ़े थे,आज वे धूल-धूसरित दिखाई दे रहे हैं। बांध…

अरावली विरासत जन अभियान : चार राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन रोकने और पर्यावरण संरक्षण पर उठाई बुलंद आवाज़

जयपुर, 8 दिसंबर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित “न्याय निर्माण मेला” के दौरान हुए “अरावली बचाओ सम्मेलन” में अरावली पर्वतमाला से जुड़े चार राज्यों—राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली—के साथ-साथ देशभर के अनेक क्षेत्रों से आए लोगों ने एक स्वर…

घरेलू हिंसा का बढ़ता साया : घर की चुप्पी में दम तोड़ती आधी आबादी

भारत में घरेलू महिला हिंसा की ताज़ा तस्वीर गहरी चिंता पैदा करती है। WHO और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हर तीसरी महिला अपने ही साथी की हिंसा का शिकार होती है, लेकिन दर्ज मामले वास्तविक पीड़ा का छोटा…

पूंजी के लिए पर्यटन : किसका लाभ, किसकी हानि?

विनाशकारी विकास की हवस में हमारे सत्ताधारियों ने उन छह गांवों को सिरे से भुला दिया है जिनकी जमीनों पर साठ के दशक में ‘सरदार सरोवर परियोजना’ बनाने वालों की बस्ती बसाई गई थी। आजकल उसी इलाके में ‘स्टैच्यू ऑफ…

कॉरिडोर में कृष्ण : ‘कुंज गलियों’ का पर्यटन

धर्मांध भीड को अपने कर्मकांडों की खातिर ज्यादा जगह की जरूरत होती है और इस तर्क पर आजकल देशभर के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य ‘लोक’ में तब्दील करके उन्हें विस्तार दिया जा रहा है। अयोध्या, बनारस, प्रयागराज, उज्जैन आदि…

‘स्मार्ट सिटी योजना’ : पूंजी के लिए ‘प्राइवेट पार्टनर’

कुल जमा दस मिनट की बरसात में बाढग्रस्त हो जाने वाले, जल-मल निकासी के बजबजाते गटरों, टूटी-फूटी सडकों और बदहाल जलापूर्ति आदि से बदहवास शहरों को दस साल पहले स्मार्ट बनाने के मंसूबे बांधे गए थे। आज इस कारनामे को…