चिपको आंदोलन के नेता और विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा अब नहीं रहे। वृक्षमित्र बहुगुणा का कोरोना वायरस के चलते निधन हो गया। चिपको आंदोलन के नेता और विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा अब नहीं रहे। आज उन्होंने एम्स में…
शोध : सेंटर फॉर लेबर रिसर्च एंड एक्शन ने जारी किया सार संक्षेप, श्रमिकों में टीकाकरण को लेकर डर देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच गैर संगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को काम के दिनों का काफी…
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी व्दारा जारी नेट ज़ीरो बाय 2050 नामक रिपोर्ट का निष्कर्ष जीवाश्म ईंधन पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष वैश्विक निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने साफ़…
जन स्वास्थ्य अभियान ने क्लिनिकल ट्रायल और शर्तों को शिथिल किये बिना अनुमति न देने हेतु की प्रधानमंत्री से मांग spsmedia.in नई दिल्ली, 19. 05. 21। जन स्वास्थ्य अभियान ने फाइजर द्वारा mRNA के टीके की भारत को आपूर्ति के…
आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों ने शुरू किया अध्ययन spsmedia.in वैश्विक स्तर पर हुए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पिछले 20 वर्षों में मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड के मुकाबले जलवायु परिवर्तन में 86 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।…
‘नेचर’ में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध का विश्लेषण हाल ही में ‘नेचर’ में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध के मुताबिक ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ (NBS) याने प्रकृति-आधारित समाधान इस सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान कर सकते हैं। शोध विश्लेषण…
‘ताऊ ते’ तूफ़ान जलवायु परिवर्तन की पहचान ‘ताऊ ते‘ नामक तूफ़ान फ़िलहाल अगले कुछ घंटों में “गंभीर चक्रवाती तूफान” की शक्ल ले सकता है, ये कहना है भारतीय मौसम विभाग का। इस बात का भी अंदेशा है कि यह गंभीर…
एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोविड उपचाररत पर्यावरणविद् एवं चिपको आंदोलन के प्रणेता सुन्दरलाल बहुगुणा की हालत स्थिर बनी हुई है। उनका आक्सीजन लेबल 96 प्रतिशत है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के कोविड वार्ड में भर्ती पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा…
विकल्प संगम मंच से जुड़े देशभर के 65 संगठनों ने जारी किया संयुक्त बयान सप्रेसमीडिया.इन। सामाजिक एवं पारिस्थिकीय रूप से समता आधारित बेहतर और वैकल्पिक तरीकों पर काम करने वाले संस्थाओं के मंच विकल्प संगम ने कोराना महामारी को नियंत्रित करने…
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के अध्ययन में हुआ खुलासा कोयले से होने वाला प्रदूषण कितना खतरनाक व जानलेवा होता है, इसका खुलासा सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के नए शोध से हुआ…