शख्सियत

तप, त्‍याग और सेवा की संगम थी – सुमन ताई बंग

96 वर्षीय गांधीवादी, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री सुमनताई का निधन सेवाग्राम, 3 मई । गांधीवादी, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री सुमनताई का आज 3 मई 21 (सोमवार) को कस्तूरबा अस्पताल में निधन हो गया। वे 96 वर्ष…

ये वक्त नामुराद है . . . . !

स्‍मृति शेष : डॉ. सुरेश मिश्र चौरासी साल का एक भरा-पूरा बेहद सम्पन्न जीवन गुजारने वाले सुरेश मिश्र को कैसे याद रखा जा सकता है? उनका एक बड़ा गुण था – सभी के प्रति ढेर सारा स्नेह। यह स्नेह उन…

अम्बरीश राय : उनका जाना क्रांति के एक बड़े सपने का जाना है

सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का अवसान, राइट टू एजुकेशन फोरम के थे संयोजक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून को लागू करने के लिए चलाए गए आंदोलन के सूत्रधार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का 23 अप्रैल 2021 को सुबह…

डॉ. सुरेश मिश्र : ऊर्जा का एक और स्रोत चला गया

वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. सुरेश मिश्र का गुरूवार (22 अप्रैल) की सुबह भोपाल में निधन हो गया । वे 84 वर्ष के थे। मध्यप्रदेश के इतिहास पर उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन और अनुवाद किया। उदयपुर की ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण…

बिहारी लाल : मौन सेवक व कर्मयोगी की तरह निभाते रहे भूमिका

स्‍मृति शेष : श्रध्‍दांजलि महात्मा गांधी, विनोबा भावे एवं जयप्रकाश नारायण के विचारों को आत्मसात करने वाले समाजसेवी एवं सर्वोदयी नेता बिहारी लाल नागवाण ने गांधीवादी परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ समाज में व्याप्त कुरूतियों को उखाड़ फेंकने के…

डॉ. भीमराव अंबेडकर- बहुजनों के मसीहा

14 अप्रैल – डॉ. भीमराव अंबेडकर की130वीं जयंती पर विशेष स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा, बौद्ध धर्म, विज्ञानवाद, मानवतावाद, सत्य, अहिंसा आदि के विषय अम्बेडकरवाद के सिद्धान्त हैं। दलितों में सामाजिक सुधार, भारत में बौद्ध धर्म का प्रचार एवं प्रचार, भारतीय संविधान…

वैज्ञानिक प्रयोगों और सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाते थे कालूराम शर्मा

इंदौर (सप्रेस) । प्रख्यात प्रकृति शोधक, विज्ञान लेखक व वनस्पति शास्त्री और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय कालूराम शर्मा का 10 अप्रैल की दोपहर को निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। उन्‍होंने पिछले दिनों ही कोरोना वैक्‍सीन लगवाई…

अरविंद ओझा : मरुस्थल की धरती में उम्मीद के बीज बोए

अरविंद ओझा का जीवन सरल, सहज व सादगीपूर्ण था। वे जमीनी सामाजिक कार्यकर्ता तो थे ही पर उनकी पठन-पाठन में गहरी रूचि थी। उन्हें यहां गुरूजी के नाम से जाना जाता था। वे कहानीकार व कवि भी थे। वे बहुत…

पद्मश्री भूरीबाई और ‘चित्तरकाज’

गणतंत्र दिवस पर इस साल लोक-कलाकार श्रीमती भूरी बाई को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। कोई पचास साल पहले ‘लिखमा जोखारी’ ने भूरीबाई के नाम के आगे ‘चित्तरकाज’ लिखा था जिसे भूरीबाई दिनों-दिन बढ़ती लगन से करती जा रही…

ग़ज़ल सुनते हों तो मधुरानी को सुनें

मधुरानी की गायकी के मुरीद लोगों की सूची बहुत लंबी है। इंदिरा गांधी और डॉ जाकिर हुसैन इन्हें खूब सुनते थे। उनके एलबम ‘इंतज़ार’ में दिलीप कुमार ने अपनी आवाज दी है। मुम्बई में जब इसकी रिकॉर्डिंग चल रही थी,…