देश-प्रदेश के अलग-अलग शहरों की पटाखा फैक्ट्री मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार चलता रहता है। शासन की ओर से ऐसी घटनाओं को बचाव के लिए नीति नियम निर्देश भी लगातार जारी किए जाते हैं। इसके बाद भी मौतें होती…
भारत में घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और गैर-अधिसूचित जनजातियों के संरक्षण और भविष्य की योजनाओँ पर विचार विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। गैर-अधिसूचित जनजातियों, घुमंतू जनजातियों और अर्ध-घुमंतू जनजातियों को भी गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे समुदायों के…
नियामगिरी सुरक्षा समिति के आदिवासी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ़ यू.ए.पी.ए – एफ.आई.आर और बेबुनियाद आरोप खारिज करने की मांग मुंबई, 22 अगस्त। देशभर के 20 राष्ट्रीय नेटवर्क / संगठनों, 40 जन संगठनों और 350 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,…
करीब सवा चार दशक पहले, जब पर्यावरण दुनिया के सामने एक आसन्न संकट की तरह उभर रहा था, भारत में ‘वन (संरक्षण) अधिनियम-1980’ बनाया गया था। अब विकास की बगटूट भागती अंधी दौड़ के सामने पर्यावरण ओझल होता जा रहा…
अंग्रेजों और चंद तरक्की-पसंद हिन्दुस्तानियों की पहल पर लगभग एक सदी पहले बाल-विवाह विरोधी कानून बना था, लेकिन देश के किसी राज्य में आज तक बाल-विवाह पर कोई कारगर प्रतिबंध नहीं लग पाया है। देश के अधिकांश राज्यों में, कुछ अपवादों…
स्वास्थ्य अधिकार कानून के लिए जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय,स्वास्थ्य समूह की मांग इंदौर, 4 अप्रैल। जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय से जुड़े छ: राज्यों के स्वास्थ्य समूह संयोजकों ने संयुक्त रूप से जारी एक बयान में जनता के स्वास्थ्य…
जन स्वास्थ्य अभियान ने कहा कि भ्रामक अभियान चलाया जा रहा है कि विधेयक में डॉक्टरों की चिंताओं पर विचार नहीं किया गया। अभियान ने कहा कि राजस्थान सरकार ने इस कानून को तैयार करने में निजी डॉक्टरों के संघों…
5 जून को भोपाल में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन होगा भोपाल, 28 मार्च। एकता परिषद सहित विभिन्न जनसंगठनों ने आज भोपाल में ‘‘पंच ज’’-जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर-के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका विषय को लेकर प्रदेश भर के आदिवासियों के साथ…
सोशल मीडिया पर हिंदुत्व के बारे में पोस्ट करने वाले अभिनेता चेतन अहिंसा को जमानत मिलने के बाद Parappana Agrahara Jail परप्पना अग्रहारा जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहा होने बाद बोलते हुए उन्होंने कहा “समानता के लिए…
‘मोदी’ सरनेम को लेकर दायर किए गए मानहानि के मुक़दमे के एक रुके हुए फ़ैसले ने चौबीस घंटों के भीतर ही एक सौ चालीस करोड़ लोगों के देश की राजनीति को आगे आने वाले सालों के लिए हिलाकर रख दिया।…