विवादित ट्वीट मामला : कन्नड़ एक्टर Chetan Kumar; समानता के लिए जितनी बार जरूरी हो, मैं जेल जाने को तैयार हूं

सोशल मीडिया पर हिंदुत्व के बारे में पोस्ट करने वाले अभिनेता चेतन अहिंसा को जमानत मिलने के बाद Parappana Agrahara Jail परप्पना अग्रहारा जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहा होने बाद बोलते हुए उन्होंने कहा “समानता के लिए जितनी बार जरूरी हो, मैं जेल जाने को तैयार हूं”

बेंगलुरु 25 मार्च । सोशल मीडिया पर हिंदुत्व के बारे में पोस्ट करने वाले कन्नड़ एक्टर Chetan Kumar चेतन कुमार अहिंसा को जमानत मिलने के बाद Parappana Agrahara Jail  परप्पना अग्रहारा जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहा होने बाद बोलते हुए उन्होंने और संघर्ष की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘समानता के लिए जितनी बार जरूरी हो, मैं जेल जाने को तैयार हूं।’ पिछली बार उन्हें ट्वीट करने के लिए सात दिन की जेल हुई थी। इस बार उन्हें ट्वीट करने के लिए तीन दिनों के लिए गिरफ्तार किया गया था।

सेनानियों को पता होना चाहिए कि जेल महल है। बोलने की आजादी छीनी जा रही है। हिंदुत्व हिंदू धर्म से अलग है। अगर आप अलग लिंगायत धर्म की तरह अलग धर्म बनाना चाहते हैं तो हम आपके साथ खड़े हैं। लेकिन अगर आप हिंदू हैं और हिंदू धर्म आप हैं तो धर्म को हाईजैक नहीं किया जा सकता। हम आने वाले दिनों में और संघर्ष करेंगे। हम खुद को छोटा नहीं कर सकते, उन्होंने कहा।

धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अभिनेता चेतन अहिंसा को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। बेंगलुरु की 32वीं एसीएमएम कोर्ट की न्यायाधीश लता ने चेतन को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के बारे में अपमानजनक पोस्ट के मामले में चेतन को गिरफ्तार करने वाली शेषाद्रिपुरम थाने की पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया। अदालत ने आदेश दिया कि उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। उसके अनुसार, परप्पा की अग्रहारा जेल में बंद चेतन को अब जमानत मिल गई है और उन्‍हें रिहा कर दिया गया है।

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हिंदुत्व पर चेतन कुमार ने किया था ट्वीट
चेतन ने अपने ट्वीट में लिखा था- “हिंदुत्व झूठ पर बना है. सावरकर- भारतीय राष्ट्र तब शुरू हुआ जब राम ने रावण को हराया और अयोध्या वापस लौटे- झूठ, 1992 में बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि है- एक झूठ, 2023 उरीगौड़ा-नानजेगौड़ा टीपू के हत्यारे हैं- एक झूठ, हिंदुत्व को सत्य से हराया जा सकता है- सत्य समानता है।  इससे पहले भी एक्टर कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्णा दीक्षित के बारे में ट्वीट को लेकर विवादों में फंसे थे। 

उल्‍लेखनीय है कि चेतन कुमार अक्सर ही ट्विटर पर कुछ न कुछ पोस्ट साझा करते हैं, जिसके चलते वह चर्चा का विषय बनते हैं। वे अक्सर हिंदू, हिंदुत्व और ब्राह्मणों के खिलाफ बयान देकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। हाल ही में एक्टर चेतन कुमार  ने हिंदुत्व को लेकर ट्वीट किया था, जिसके बाद वह ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। इस ट्वीट के चलते एक्टर को 24 घंटे के अंदर बेंगलुरू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, अभी हाल ही में उनको जमानत मिली और जेल से  रिहा किया गया।

कौन हैं चेतन कुमार? (Who is Chetan Kumar ?)

चेतन कुमार एक कन्नड़ फिल्म अभिनेता (Film Actor Chetan Kumar) जिन्होंने अपनी पहचान एक एक्टर के साथ ही एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी बनाई है। यही नहीं वे अपनी पहचान एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में भी पहना चुके हैं। वे सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं और विरोध के लिए भी अपने स्वर उठाते हैं। उन्हें अपने अभिनय के लिए पहचान मिली है और उदय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में सम्मानित भी किया गया है। चेतन कुमार की एक फिल्म ‘मैना’ साल 2013 में रिलीज की गई थी, जिसके लिए उन्हें काफी प्रशंसा भी मिली थी।

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चेतन कुमार के विवाद और काम (Chetan Kumar Controversy and works):

चेतन कुमार को उनके फैंस चेतन अहिंसा के नाम से भी जानते हैं। चेतन कुमार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने कर्नाटक में हिजाब मामले (Chetan Kumar Hijab Case) की सुनवाई करने वाले एक उच्च न्यायालय न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट किया था। इस ट्वीट से काफी विवाद हुआ और चेतन कुमार को गिरफ्तार (Chetan Kumar Arrested) भी किया गया।

चेतन ने ब्राह्मणवाद पर बयान दिया था जिसके बाद काफी विवाद देखने को मिला। यही नहीं उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई। हालाँकि सोशल मीडिया पर उनके बयान के वायरल होने के बाद से उनके फैंस का उन्हें काफी सपोर्ट मिला। यही नहीं उन्हें पिछड़े समुदायों का समर्थन भी मिला है।

चेतन ने एक मंच फ़िल्म इंडस्ट्री फॉर राइट्स एंड इक्वेलिटी का भी निर्माण किया था। यह मंच फिल्मों से जुड़े लोगों के आर्थिक और शारीरिक उत्पीड़न जैसे मामलों पर काम करता है।

चेतन को अक्सर ही समानता और न्याय के लिए युवाओं, छात्र संगठनों, महिला समूहों, किसान समूहों, ट्रेड यूनियनों और दलित-आदिवासी आंदोलनों के समर्थन में देखा जाता रहा है। कुछ समय पहले ही उनका नाम कावेरी जल विवाद में सामने आया था। इसके अलावा वे आदिवासियों को जंगल से हटाने वाले मामले में भी धरने पर बैठे थे। कुछ समय पूर्व चेतन कुमार ‘अहिंसा’ नर्मदा बचाओ आंदोलन के 37 वर्ष पूर्ण होने पर बडवानी में आयोजित कार्यक्रमों में मेधा पाटकर के साथ शामिल हुए थे।

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