कौशल किशोर

ओरण के अस्तित्व के लिए ‘राष्ट्रीय गोसेवा नीति’

अरावली संरक्षण को लेकर उठे हाल के जनांदोलन ने एक बार फिर चरोखर यानि ‘ओरण’ और दुधारू पशुओं की अहमियत भी उजागर कर दी है। दरअसल पर्यावरण आसपास की तमाम-ओ-तमाम प्राकृतिक इकाइयों के मिलने से बनता है जिनमें चरोखर और…

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में साइबर अपराध

विज्ञान अपने अविष्कारों के साथ-साथ तरह-तरह के जानलेवा संकट लेकर आता है। जहां विज्ञान ने हमारे जीवन को बेहद सरल-सुलभ बना दिया है, वहीं कुछ ऐसी व्याधियां पैदा कर दी हैं जिनसे पार पाना कठिन है। ताजा संकट साइबर अपराधों…

Manoj Misra : विदा हुए, ‘यमुना जिए अभियान’ के संयोजक मनोज मिश्रा

पर्यावरण, प्रकृति और नदियों की साज-संभाल में कई ऐसे लोग प्राणपण से जुटे हैं जिन्हें समाज उनकी अपेक्षित हैसियत नहीं दे पाता। पूर्व वन-अधिकारी मनोज मिश्रा इसी जीवट के व्यक्ति थे। पिछले दिनों वे हम सबसे सदा के लिए विदा…

कचरा प्रबंधन का राजनीतिक अर्थशास्त्र और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण

एनजीटी स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार कर ही चैन की सांस लेगी। इसके लिए बेहतर कचरा प्रबंधन की सराहना की जा रही है। सिक्किम, सूरत और इंदौर ही नहीं बल्कि तेलंगाना का सूर्यापेट और तमिलनाडु का नामक्कल भी इस…

छत का छलावा बनाम रियायती आवास योजना

इंसानी वजूद के लिए रोटी, कपडा के बाद मकान तीसरा सर्वाधिक जरूरी संसाधन है, लेकिन हमारे देश में पहली और दूसरी जरूरतों की तरह इसका भी भारी टोटा है। समय-समय पर तत्कालीन सरकारें कुछ-न-कुछ करती तो हैं, लेकिन उससे सबके…

बागियों को साधुता सिखाने वाले भाईजी एस. एन सुब्‍बराव

नब्बे की अवस्था में भी तरुणाई का ख़्वाब देखने वाले लोगों को भाईजी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उनके गीतों पर झूमने वाले लोगों में जय जगत का नारा प्रसिद्ध हुआ। उन्होंने शांति मंत्रालय का सपना भी देखा, जो…