चैतन्य नागर

कानून : न्याय में विलंब का बड़ा कारण वकीलों की हड़तालें

न्यायपालिका लोकतंत्र का तीसरा सबसे अहम् स्तम्भ है| सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों के बावजूद आये दिन निचली अदालतों में वकीलों की हड़तालें जारी हैं| वकील हडताल पर जाकर स्वयं उसी सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ जाते रहते हैं जो न्याय…

शिक्षा : थके हुए शिक्षक को चाहिए थोड़ा आराम भी

पेशेवर विकास के लिए शिक्षकों के पास पर्याप्त अवसर होने चाहिए| इससे उनका हुनर बढेगा और वे शिक्षण के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों से परिचित होंगे| शिक्षकों के ऐसे समूह होने चाहिए जिसमें वे एक दूसरे की सहायता…

मामूली नहीं है एआई (AI) का संकट

कृत्रिम बुद्धि का विकास इस तरह से हो रहा है कि यह मनुष्य की बुद्धि से कई कदम आगे निकल सकती है| इसी कारण इसके बहुत खतरनाक होने की आशंका बढ़ जाती है| किसी भ्रष्ट और विध्वंसकारी उद्देेश्य से यदि…

कुत्ते : अच्छे-खासे दोस्त, बन गए कटखन्ने

देश में हर साल करीब पौने दो करोड़ लोगों को कुत्ते काट लेते हैं| इनमें से अठारह से बीस हज़ार इंसानों को हर साल रेबीज़ Rabies होता है| रेबीज़ कुत्तों से इंसानों में होने वाला गंभीर रोग है| यह बिल्ली…

शिक्षा : पढ़ाई के नाम पर पिटाई की परिपाटी

भारत में बच्चों को शारीरिक दंड देने की आदत यथावत बनी हुई है| बच्चे को अनुशासित करने में इसकी व्यर्थता साबित होने के बावजूद| पिटा हुआ और घायल बच्चा कभी ज़िम्मेदार नागरिक नहीं बन सकता| एक इंसान के रूप में…

Sarva Seva Sangh : इतिहास बन जाएगी विनोबा और बापू की संस्था

सरकारी क्रूरता की गाथा कहेगी वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ के भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन और सर्व सेवा संघ के बीच काफी समय से खींचतान चल रही है। संघ से जुड़े लोगों ने धरना-प्रदर्शन के जरिये…

जिद्दू कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy : देखने और सुनने की कला बने शिक्षा का हिस्सा

12 मई : जन्‍म दिवस प्रसंग कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूल में शिक्षक और छात्र दोनों ही जीवन के बुनियादी सवालों की पड़ताल करें बगैर किसी दबाव के। यह पड़ताल बाहरी दुनिया से शुरू…

महिला हिंसा : अपनों को ही कैसे मार डालते हैं लोग

दुनिया भर में जो महिलायें हत्या का शिकार होती हैं, उनमें से चालीस फीसदी की हत्या की जाती है, उनके पूर्व प्रेमियों या पतियों द्वारा. घर महिलाओं के लिए एक खतरनाक युद्धभूमि बन जाता है, जहाँ सबसे अधिक रक्तपात की…

अवसाद की असलियत : समझ कम, सुविधाएं नाकाफी

वैसे हमारे समाज में अवसाद कोई संकट नहीं माना जाता, लेकिन अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढती आत्महत्याओं ने इस मान्यता को खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र, मध्‍यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यहां तक कि पंजाब सरीखे ‘हरित-क्रांति’ वाले राज्यों…

गांधी के सपनों से कोसों दूर उनका अपना देश

गांधी जयंती पर विशेष   गांधी जी सही अर्थ में महात्मा थे। संसार के बहुत कम लोग इस अर्थ में महान हुए हैं, जिस अर्थ में मोहनदास करमचंद गांधी। वे महान पैदा नहीं हुए थे, न ही महानता उनपर थोपी…