Year: 2025

सतत जीवन शैली : आज की ज़रूरत, कल का भविष्य—डॉ. जनक पलटा मगिलिगन

इंदौर, 19 अप्रैल। “सतत जीवनशैली अब विकल्प नहीं, बल्कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाते हुए जल, ऊर्जा और संसाधनों का संरक्षण करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ…

बदहाल हैं, यम की बहन यमुना

पुराणों में यमुना को मृत्यु के देवता यम की बहन बताया गया है, लेकिन हमारी आती-जाती सरकारें और जहां-का-तहां बैठा समाज इस धारणा को भी ठेंगे पर मारता है। देश की एन राजधानी में यमुना को बदहाल करने में किसी…

सस्टेनेबल फूड के ज़रिए स्वस्थ भविष्य की संकल्‍पना

स्वस्थ प्राणियों और प्रकृति के लिए सस्टेनेबल फूड विषय पर प्रेरक कार्यशाला सम्‍पन्‍न इंदौर, 18 अप्रैल। जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा “जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डिवेलपमेंट सप्ताह” के अंतर्गत चौथे दिन लाइफ केयर हॉस्पिटल में “स्वस्थ…

इतिहास की खोई हुई समझ और समाज का भ्रमित रुख

करीब सवा तीन सौ साल पहले रुखसत हुए औरंगजेब की कब्र उखाड़ने से लगाकर बरसों पुराने गैर-हिन्दू उपासना-गृहों को खोदकर उन्हें हिन्दू साबित करने की मौजूदा हुलफुलाहट ने, एक समाज की हैसियत से हमें बेहद अज्ञानी और इतिहास-विमुख साबित कर…

18 अप्रैल: भूदान आंदोलन के माध्यम से संत विनोबा की अहिंसक क्रांति

जब दुनिया ने बदलाव के लिए हिंसा का शोर चुना, तब विनोबा भावे ने मौन पदचाप से क्रांति की इबारत लिखी। 18 अप्रैल 1951 को पोचमपल्ली से शुरू हुआ भूदान आंदोलन इस विश्वास का प्रतीक बन गया कि सच्चा परिवर्तन…

सतत विकास में कला और विज्ञान की भूमिका पर कार्यशाला — जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह

इंदौर, 17 अप्रैल। इंदौर के सपीप सनावदिया गांव स्थित श्री श्रीरविशंकर विद्या मंदिर स्कूल में  जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के अंतर्गत “सतत विकास में कला और विज्ञान का योगदान”  विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यालय की…

धरती के लिए सोचो, गांवों से शुरू करो – सस्टेनेबिलिटी की सीख

विकसित भारत के लिए सस्टेनेबल इंटर्नशिप विषय पर संगोष्ठी का आयोजन इंदौर, 17 अप्रैल । इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स विभाग में जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के दूसरे दिन “विकसित भारत के लिए सस्टेनेबल…

 रहन सहन : मोटापा भी एक बीमारी है

सिर्फ भूख ही नहीं, भोजन भी हमें बीमार करता है। असीमित, अस्वास्थ्यकर खान-पान और कथित आधुनिक रहन-सहन हमें लगातार मोटापे की चपेट में फांस रहे हैं। यह बीमारी इस हद तक पहुंच गई है कि खुद देश के प्रधानमंत्री तक…

धरती के सच्चे सेवक: ट्री-मेन दरिपल्ली रामैया

दरिपल्ली रामैया का जीवन पर्यावरण संरक्षण की जीवंत मिसाल रहा। उन्होंने अकेले ही एक करोड़ से अधिक पौधे रोपकर बंजर ज़मीनों को हरित बना दिया। बीज जेब में और पौधों का सपना आंखों में लिए वे जीवन भर पेड़ लगाते…

सोलर ऊर्जा से सशक्त भविष्य की ओर : जिम्मी मगिलिगन की स्‍मृति में सोलर कुकिंग फेस्टिवल का आयोजन

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश सिंघई ने किया शुभारंभ इंदौर, 15 अप्रैल। ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर से सम्मानित जेम्स (जिम्मी) मगिलिगन की याद में जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा आयोजित आज सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह…