Month: May 2025

वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी दावों में विरोधाभास : आदिवासियों के अधिकारों पर संकट

मध्यप्रदेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी आंकड़ों और दावों में गंभीर विरोधाभास सामने आया है। एनजीटी में प्रस्तुत हलफनामे में जहां 5.46 लाख हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण की बात मानी गई है, वहीं वन विभाग की रिपोर्टें पुराने…

‘जीनोम संपादित’ चावल : विरासत की बेदखली 

उत्पादन बढाने के विचित्र तर्क के आधार पर खेती में आजकल तरह-तरह की वैज्ञानिक उर्फ व्यावसायिक कारस्तानियां की जा रही हैं, हालांकि दुनियाभर में खेती का उत्पादन इतना हो रहा है कि कीट-पतंगों, चूहों, वर्षा और भंडारण की कमी के…

विदा कोटमराजू विक्रम राव : जिसने लिखा, जमकर लिखा, और अंतिम साँस तक लिखा

वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और भारतीय कार्यरत पत्रकार महासंघ (IFWJ) के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे कोटमराजू विक्रम राव का 12 मई 2025 को लखनऊ में 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से श्वसन संबंधी…

युद्ध : विनाश का वैश्विक व्यापार

दुश्मन देश को धूल चटा देने, नेस्तनाबूद कर देने के मंसूबे आखिर हमें कहां ले जाते हैं? कहीं ऐसा तो नहीं है कि पडौसी देशों के प्रति खुन्नस निकालने की यह ललक अमीर हथियार निर्माताओं की तिजोरियां भरने में लगी…

शहरों की यातायात समस्या का हल है एलिवेटेड रोड और मल्टीलेवल पार्किंग

अभ्यास मंडल व्याख्यानमाला में बोले यूपी के सेवानिवृत्त आईएएस अवनीश अवस्थी इंदौर, 12 मई। उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा है कि देश के शहरों में बढ़ रही यातायात…

30 साल बाद महिला सेनाध्यक्ष देखने का सपना होगा साकार, सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 25 फीसदी करने की जरूरत

अभ्‍यास मंडल व्‍याख्‍यानमाला में भारतीय वायु सेवा की सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य का व्‍याख्‍यान इंदौर, 11 मई। भारतीय वायु सेवा की सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा है कि 30 साल बाद हमारे देश में तीनों सेना में…

दिलों को बांटता ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’

कहा जाता है कि हर देश की एक सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान में सेना का एक देश है। दो टुकडों में विभाजित और कई अन्य टुकडों में विभाजन के लिए तैयार उसी पाकिस्तान की सेना के मुखिया जनरल सैयद…

वन्‍य जीवन : बाघों के बहाने वीरान होते गांव

पर्यावरण के पिरामिड की चोटी पर बाघ विराजता है और उस पर मंडराता कोई भी संकट दरअसल पर्यावरण पर संकट माना जाता है। जाहिर है, ऐसे में किसी भी कीमत पर बाघ और उसके लिए जंगल बचाना ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की…

पानी, प्रकृति और परिवर्तन के 50 साल,तरुण भारत संघ का स्वर्ण जयंती समारोह 30 मई को भीकमपुरा में

भीकमपुरा (अलवर), 10 मई। जल संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से कार्यरत तरुण भारत संघ (TBS) अपना स्वर्ण जयंती वर्ष 30 मई 2025 को पूर्ण कर रहा है। इस उपलक्ष्य में एक विशेष…

सहायक नदियों के प्रति सरोकार की जरूरत

बड़ी,बारहमासी नदियों का दोहन करने की सरकारी हुलफुलाहट के साथ-साथ सत्तर के दशक से समाज ने भी इन पर गौर करना और जरूरी हो तो प्रतिरोध करना शुरु कर दिया है, लेकिन इन विशालकाय जल-भंडारों को पोषित करने वाली छोटी,…