शहरों की यातायात समस्या का हल है एलिवेटेड रोड और मल्टीलेवल पार्किंग

अभ्यास मंडल व्याख्यानमाला में बोले यूपी के सेवानिवृत्त आईएएस अवनीश अवस्थी

इंदौर, 12 मई। उत्तर प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा है कि देश के शहरों में बढ़ रही यातायात की समस्या का समाधान एलीवेटेड रोड के माध्यम से ही निकल सकता है। शहरों में जो पार्किंग की समस्या पैदा हो रही है, इस समस्या के हल के लिए मल्टीलेवल कार पार्किंग को अपनाना आवश्यक है।

वे आज यहां अभ्यास मंडल की 64वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे। उनके विषय था- आधुनिक शहरीकरण में ई गवर्नेंस की भूमिका। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटलाइजेशन और तकनीक का है। हमारे देश में पिछले 10 साल में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया है। देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 9 वें स्थान से चौथे स्थान पर आ गई है। हमारे देश में करीब 54 करोड़ की शहरी आबादी है, जो कि कुल आबादी का 37% है। वर्ष 2011 की जनगणना में देश में शहरी आबादी 31% थी। इससे स्पष्ट है कि 6% की आबादी गांव से शहर में आ गई।

उन्‍होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश की बात करें तो वहां पर शहरी आबादी 22% है। हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है‌। करीब करीब यही स्थिति मध्य प्रदेश की होगी। हमारे देश की जीडीपी में शहरी क्षेत्र की भागीदारी 60% है, जबकि कुल जमीन का तीन प्रतिशत हिस्सा ही शहरी क्षेत्र में है। देश में शहरीकरण के साथ औद्योगिकरण भी आवश्यक है। कृषि के क्षेत्र में बहुत कम आय हैं। उत्तर प्रदेश में 700 शहरी संरचनाएं हैं। वहां पर 25000 करोड रुपए खर्च कर इन शहरी क्षेत्र का चेहरा बदला गया है।

श्री अवस्‍थी ने कुंभ के आयोजन की चर्चा करते हुए कहा कि इस आयोजन पर राज्य सरकार के द्वारा ₹2500 करोड रुपए खर्च किए गए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से इस आयोजन में क्राउड मैनेजमेंट किया गया।

उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कहीं भी कोई फाइल कागजों पर नहीं चलती है। हर फाइल ई फाइल के रूप में ही बनती है और आगे बढ़ती है। हमारे प्रदेश में हर शहर में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, स्मार्ट क्लासेस बनाई गई है। हर व्यापारी के लिए अपने संस्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है। इसके माध्यम से क्राइम की घटनाओं को सुलझाने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, इंग्लैंड में सारी सुविधा मिलती है लेकिन हर सुविधा का शुल्क चुकाना पड़ता है। वहां पर स्थानीय निकाय की कमाई आयकर से ज्यादा होती है। हमारे देश में तो सरकार के द्वारा शहरी निकाय को चलाया जाता है। हमने अपने प्रदेश में हर निकाय में जीआईएस मैपिंग की है जिसके माध्यम से नगरीय निकायों का रिवेन्यू कलेक्शन 1 साल में तीन गुना बढ़ गया है। नगरीय निकाय में जितना ज्यादा राजस्व अर्जित होगा उतनी ही स्थिति मजबूत होगी। उत्तर प्रदेश में नगरीय निकाय की 99% सेवाएं ऑनलाइन है। हमारे यहां पर सैटेलाइट इमेज के माध्यम से रोड की डिजाइन तैयार की जाती है।

श्री अवस्थी ने कहा कि सरकार के द्वारा यह निश्चित किया गया है कि अगले 5 साल में हमें इस तरह से काम करना चाहिए जिससे पूरे प्रदेश में एक भी व्यक्ति गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाला नहीं हो। शहरी क्षेत्र में वेस्ट का मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती है। हमने अपने प्रदेश में शहरी क्षेत्र की खाली जमीनों को नगरीय निकायों को सौप दिया है। अब नगरीय निकाय इस जमीन पर योजना लाकर भी काफी पैसा कमा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस समय बहुत सारे शहरों में कार पार्किंग की समस्या सामने आती है। इस समस्या का एकमात्र समाधान मल्टीलेवल पार्किंग है। अयोध्या में जब यह समस्या सामने आने लगी तो हमने वहां पर 6 मल्टी लेवल पार्किंग बनवाएं। शहरों में यातायात की समस्या की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान एलिवेटेड रोड है। जहां पर सड़क का चौडीकरण अब आगे और नहीं किया जा सकता है और यातायात का दबाव ज्यादा है तो वहां पर तेज गति के लिए एलिवेटेड रोड बनाए जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश में सरकार ने प्रयागराज, लखनऊ आदि शहरों में इस तरह के रोड का निर्माण किया है। शहरी विकास की स्थिति का जायजा लेने के लिए आप लोगों को अयोध्या प्रयागराज का दौरा करना चाहिए और वहां जाकर विकास को देखना चाहिए।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत संपत झंवर, शरद सोमपुरकर, द्वारका मालवीय ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन अजीत सिंह नारंग ने किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक कोठारी ने किया। अतिथि को स्मृति चिन्ह पद्मश्री भालू मोंढे और हंसमुख गांधी ने भेंट किया।

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