नईदिल्ली । सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकॉउंटेबिलिटी द्वारा सातवीं स्मितु कोठारी फ़ेलोशिप 2024 के लिए आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। संस्थान पिछले 7 वर्षों से स्मितु कोठारी फ़ेलोशिप प्रदान करता आ रहा है। इस फेलोशीप का मकसद महिलाओं, दलितों, मुसलमानों,…
जन्मदिन पर याद : बातचीत (समापन किश्त) भगवान विट्ठल(कृष्ण)और रुक्मिणी के पवित्र तीर्थस्थल पंढरपुर ( जिसे दक्षिण काशी भी कहते हैं) में 1915 में जन्म लेकर ईसाइयों के मुल्क इंग्लैंड के शहर लंदन में अंतिम सांस लेने वाले हुसैन साहब…
डेढ़-दो सौ साल पहले से कहा जाने लगा है कि नेपाल से उतरने वाली नदियां बिहार में कहर ढाती हैं (हालांकि 1870 के पहले बिहार में बाढ़ को कोई नहीं जानता था) और उनसे निपटने के लिए बड़े बांध, बैराज…
जन्मदिन पर याद : बातचीत भाग -2 हुसैन साहब से जब बात करते हैं तो वे लगने ही नहीं देते हैं कि आप दुनिया के किसी बहुत बड़े पेंटर से मुखातिब हैं ! ऐसा महसूस कराते हैं जैसे किसी पहुँचे…
गांधी की विरासत को दुश्मन मानकर ध्वस्त करने में लगी मौजूदा सत्ता को प्रधानमंत्री के एन चुनाव क्षेत्र बनारस से एक बार फिर चुनौती दी जा रही है। उम्मीद है, अहिंसक तरीकों से चलने वाला 100 दिन का यह सत्याग्रह…
आधुनिक कला गुरुओं की श्रेणी में, एक नाम जो बीसवीं सदी की भारतीय कला का पर्याय है, वह है एम.एफ. हुसैन का। उन्होंने आधुनिक भारतीय कला के लिए एक धर्मनिरपेक्ष भाषा की कल्पना की, जिसने भारत की ‘सामंजस्यपूर्ण संस्कृति’ को…
मेधा पाटकर ने कहा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हजारों डूब प्रभावितों का पुनर्वास शेष बडवानी, 15 सितंबर। नर्मदा बांध डूब प्रभावितों का नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर के अगुवाई में पिछले तीन दिनों से चल रहा नर्मदा…
वाराणसी, 15 सितंबर। सर्व सेवा संघ के राजघाट परिसर को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और गिराए गए भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 11 सितंबर 2024 को प्रारंभ 100 दिन का सत्याग्रह आज पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। पांचवें…
हमारे मौजूदा आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने में, खासकर पिछले दशक में, शिक्षा की जितनी मिट्टी-पलीत हुई है, वैसा सदियों में नहीं हुआ। जाहिर है, इस ‘कमाल’ में देश की सत्ता पर काबिज राजनीतिक जमात की खास भूमिका है। मामला…
एल.एस. हरदेनिया भाषा की ताकत कितनी होती है। यदि उसका समर्थन होता है तो वह भी अद्भुत और यदि इसका विरोध होता है तो भी अद्भुत। हमारे साथ-साथ चीन में भी आज़ादी आई, परंतु वहां के नेतृत्व ने एक विशेष भाषा…