आकाशवाणी को भी कई लोग ज्यादा संस्कृतनिष्ठ और भगवाकरण की मुहिम से जोड़कर देख सकते हैं। पर यह बताना जरूरी है कि यह नाम कविवर रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने 1956 में दिया था लेकिन अंगरेजी समेत दूसरी भाषाओं का प्रसारण आल…
अभ्यास मंडल की 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में सांसद मनीष तिवारी का व्याख्यान इंदौर, 17 मई। सांसद एवं कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि लोकतंत्र Democracy की रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं को चुनौतियों से बचाना नागरिकों…
अभ्यास मंडल की 62वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में चुनाव विश्लेषक Yashwant Deshmukh यशवंत देशमुख का व्याख्यान इंदौर,16 मई। वरिष्ठ पत्रकार एवं चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख ने कहा है कि महिलाओं के राजनीति में आने से ही देश का भविष्य उज्जवल है।…
15 मई 2023। आज अपराह्न 3.45 बजे वाराणसी में सर्व सेवा संघ परिसर राजघाट स्थित गांधी विद्या संस्थान के पुस्तकालय का प्रभार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र को कमिश्नर ने मजिस्ट्रेट और काफी संख्या में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में…
अभ्यास मंडल, इंदौर द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला इंदौर, 15 मई। वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इस समय तकनीक में जहां Artificial Intelligence आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सबसे बड़ी चुनौती है, तो वहीं दुनिया के समक्ष…
18, 19 और 20 मई को सैरनी के तट पर जल योद्धाओं का मिलन सम्मेलन चंबल घाटी की सूख चुकी सैरनी नदी अब शुद्ध सदानीरा होकर बह रही है। मई के माह में भी सैरनी नदी में पूर्णतः जल प्रवाह…
सत्तर के दशक से जोर पकड़ते पर्यावरण-प्रदूषण ने अब ऐसे ‘जलवायु परिवर्तन’ climate change तक की यात्रा पूरी कर ली है जिसमें माताएं बच्चों को जन्म तक देने से बचना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध…
शिक्षा, विकास और स्वास्थ्य से संबंधित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश आरंभ 12 मई, 2023, भोपाल : मध्य भारत के इलाके में देश का दूसरा अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल में शुरू होने जा रहा है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय,…
13 May ‘World Migratory Bird Day 2023’ प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को…
अपने तरह-तरह के जैविक, सामाजिक और प्राकृतिक उपयोगों के आलावा आजकल जंगल व्यापार-धंधे में भी भारी मुनाफा कूटने के काम आ रहे हैं। इसमें सेठों, सरकारों की बढ़-चढ़कर भागीदारी हो रही है। कैसे किया जाता है, यह कारनामा? और क्या…