Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2023

जिद्दू कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy : देखने और सुनने की कला बने शिक्षा का हिस्सा

12 मई : जन्‍म दिवस प्रसंग कृष्णमूर्ति Jiddu Krishnamurthy ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूल में शिक्षक और छात्र दोनों ही जीवन के बुनियादी सवालों की पड़ताल करें बगैर किसी दबाव के। यह पड़ताल बाहरी दुनिया से शुरू…

गांधीवादी नेता राजगोपाल पी.व्ही. विश्व प्रसिद्ध 40 वें निवानो शांति पुरस्कार से सम्‍मानित

पुरस्‍कार राशि से “शांति कोष” स्‍थापित करने का फैसला भोपाल, 11 मई। प्रख्यात गांधीवादी व सर्वोदयी नेता, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल पी.व्ही. को आज जापान में न्याय और शांति के लिए अहिंसक माध्यमों से उनके असाधारण योगदान के…

बढ़ती गर्मी : गर्मी में भी कितनी तेज धार है. . .

विकास के मौजूदा तौर-तरीकों के चलते दिन-दूनी, रात-चौगुनी बढ़ती गर्मी ने हमें हलाकान कर दिया है। ऐसे में उसके प्रकोप से बचने के अलावा हमारे पास और क्या रास्ता है? भीषण गर्मी में अपने को बचाए रखने की तजबीज पर…

समसामयिक : आज आपकी जरूरत है, आर्य चाणक्य

अपने आसपास के समाज और उसके संसाधन, प्रकृति तथा उनको वापरने की भांति-भांति की तकनीक जानने वाले ढाई हजार साल पुराने अर्थशास्त्री आचार्य विष्णु गुप्त कौटिल्य यानि चाणक्य आज कितने मौजूं हैं? और क्या आज के अर्थशास्त्री कौटिल्य की तरह…

कार्बन डाईऑक्साइड: उत्सर्जन घटाएं या हटाएं?

यदि हम कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन के मौजूदा स्तर को लगभग 10 प्रतिशत यानी 4 अरब टन प्रति वर्ष तक कम करते हैं तो 10 लाख टन हटाने में सक्षम एक डीएसी संयंत्र हमें 13 मिनट के बजाय 2 घंटे से…

छत का छलावा बनाम रियायती आवास योजना

इंसानी वजूद के लिए रोटी, कपडा के बाद मकान तीसरा सर्वाधिक जरूरी संसाधन है, लेकिन हमारे देश में पहली और दूसरी जरूरतों की तरह इसका भी भारी टोटा है। समय-समय पर तत्कालीन सरकारें कुछ-न-कुछ करती तो हैं, लेकिन उससे सबके…

पर्यावरण : लालच से नाता तोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो

कहा जाता है कि हम एक ग्रह और सभ्यता की हैसियत से खुद को लगातार समाप्त करने में लगे हैं। यानि हम जानते-बूझते खुद को खत्म करने के सरंजाम जुटा रहे हैं। ऐसे में समूची कायनात को बचाने के लिए…

निर्मला देशपांडे : आजीवन शांति और न्याय के लिए प्रतिबद्ध रहीं

निमिषा सिंह निर्मला देशपांडे Nirmala Deshpande का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने अपने विचारों एवं कार्यों से गांधी और विनोबा को जोड़ने का कार्य किया। गांधी विचार के मूल तत्व संवाद को इन्‍होंने ‘गोली नही बोली चाहिए’ का रूप देकर विपरीत…

भावी पीढी़ के लिए नागरिकों को प्रकृति संरक्षण के लिए ग्रीन-निवेश करने की जरूरत

इंदौर 23 अप्रैल 2023। वर्तमान समय पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से हरियाली नष्ट हो रही है, पृथ्वी पर हरियाली नष्ट होने से प्रकृति के तत्वों के बीच असंतुलन हो गया है इससे पर्यावरण प्रदूषित होता जा रहा है। पेड़ों की…

पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण कार्यकर्ता एवं लेखक कुमार सिद्धार्थ ‘पर्यावरण रत्न’ सम्मान से अंलकृत

इंदौर, 23 अप्रैल । विश्‍व पृथ्‍वी दिवस के मौके पर पर्यावरण संरक्षण अनुसंधान एवं विकास केंद्र (सीईपीआरडी), इंदौर द्वारा आयोजित पर्यावरण गोष्‍ठी में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण सेवाओं के लिए वरिष्‍ठ सामाजिक कार्यकर्त्‍ता, पत्रकार, पर्यावरण विकास पत्रिका के…