कोविड-19 की विश्वव्यापी महामारी ने पूंजी को भी खुलकर खेलने की छूट दे दी है। ऐसे में विज्ञान सम्मत, समझदारी की सलाहें दबाई जा रही हैं और मुनाफे की खातिर गैर-जरूरी दवाएं, इलाज और ताने-बाने को तरजीह दी जा रही…
महात्मा गांधी ने मेवात को मेवात बनाए रखने के लिए बड़ा जौहर किया था। उस जौहर का परिणाम है कि आज मेवात अपनी जगह बसा हुआ है। बापू ने आजादी के बाद देश के बंटवारे को अपनी हार मानकर भी…
बेरोजगारी की विडंबना का एक नमूना यह भी है कि एक तरफ लाखों सरकारी पद खाली पडे हैं और उन्हें भरने के लिए जगह-जगह से मांगें तक उठ रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ, बाकायदा प्रशिक्षित, अनुभवी उम्मीदवार बेरोजगारी भुगत रहे…
भुवनेश्वर: पारादीप के पास जिंदल स्टील वर्क्स (जेएसडब्ल्यू) द्वारा 50,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विश्वस्तरीय 1.2 करोड़ टन वार्षिक क्षमता वाले कारखाने, 900 मेगावॉट के बिजली संयंत्र और 3,000 एकड़ भूमि में खुद के इस्तेमाल (कैप्टिव) के बंदरगाह…
प्रधानमंत्री के क़द के व्यक्ति की सुरक्षा व्यवस्था में जो चूक हुई है वह चिंताजनक है। इस तरह की चूकों का असली ख़ामियाज़ा भी अफ़सरों को ही भुगतना पड़ता है। ममता बनर्जी और चरणजीत सिंह चन्नी में जितना फ़र्क़ है…
सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार विजेता का 73 साल की डॉ. सिंधुताई सपकाल उम्र में हाल ही में निधन हो गया. सिंधुताई सपकाल ने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों की जिंदगी संवारने में लगा दिया. सिंधुताई 1400 से ज्यादा बच्चों…
न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी भूमंडलीकरण की असफलता और जलवायु संकट के चलते संपूर्ण गांधीवाद एक बार पुनः पूर्णतया प्रासंगिक हो गया है अतएव कुमारप्पा भी उतने ही महत्वपूर्ण बन गए है। कुमारप्पा जी सही अर्थों में ग्रामीणजनों के उद्धारक या ऋषि…
धर्म संसद में महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणियों पर गांधी संस्थानों का बयान नईदिल्ली (सप्रेस) । देशभर की गांधी विचार से जुड़ी शीर्षस्थ संस्थानों ने हाल ही में हरिद्वार व रायपुर में हुई धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी…
विकास की बदहवासी में आजकल उसी को अनदेखा करने का चलन हो गया है जिसकी कसमें खाकर विकास किया जाता है। पिछले दिनों केन्द्रीय केबिनेट ने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड़ इलाके की सिंचाई और पेयजल क्षमता बढाने की खातिर…