Year: 2022

हर घर गांधी और हर घर संविधान अभियान होगा प्रांरभ – गांधीवादी विचारक राजगोपाल पी.व्ही

जौरा में तीन दिवसीय बागी आत्मसमर्पण स्वर्ण जयंती समारोह का समापन जौरा मुरैना। 16 अप्रैल। बागी आत्मसमर्पण की स्वर्ण जयंती समारोह के समापन अवसर पर यहां विगत तीन दिनों में हुई चर्चाओं के आधार पर तय किया गया कि परिवार,…

बागी आत्‍म समर्पण स्वर्ण जयंती वर्ष : चंबल के गौरवपूर्ण इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में सराहनीय प्रयास

गांधी के मंत्र ने बदली चंबल की तकदीर पुस्तक का किया विमोचन जौरा 15 अप्रैल । बागी समर्पण के स्वर्ण जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रंखला में  शुक्रवार को वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्र लेखक जगदीश शुक्ला द्वारा लिखित पुस्तक…

बागी आत्मसमर्पण : एक प्रश्न, तीन उत्तर

दस्यु आत्म-समर्पण में विनोबा भावे के बाद जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा और अगुआई सर्वाधिक महत्वपूर्ण रही है। उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश में फैली डाकुओं की समस्या के निदान को लेकर जेपी क्या सोचते थे? उनके मुताबिक आतंक और हिंसा की…

अहिंसक स्वावलम्बी अर्थव्यवस्था से बनेगा हिंसामुक्त भारत

बागी आत्मसमर्पण की स्वर्ण जयंती समारोह : दूसरा दिन जौरा। 15 अन्रैल। आदिवासी क्षेत्रों में स्वावलम्बन का कार्य चुनौतीपूर्ण रहा है। एकता परिषद के प्रयासों से भूमि अधिकार अभियान में वंचित समुदाय को भूमि के अधिकार से समाज अनाज के मामलों…

डाकू आत्‍म समर्पण के 50 बरस : चंबल में अहिंसा के प्रयोग

चंबल घाटी की दस्यु समस्या के समाधान के लिए जो काम सरकारें सदियों से नहीं कर पाई वह कार्य सर्वोदय कार्यकर्ता करने में सफल रहे। मैत्री से ही मिटे बैर को बाबा विनोबा तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में…

दंगों के बीच खरगोन में नए कैराना की तलाश ?

तमाम लोग जो खरगोन से उठ रहे धुएँ के अलग-अलग रंगों का दूर से अध्ययन कर रहे हैं उन्हें एक नया मध्य प्रदेश आकार लेता नज़र आ रहा है। एक ऐसा मध्य प्रदेश जिसकी अब तक की जानी-पहचानी भाषा और…

चम्बल में न्याय और शांति के लिए शिक्षा और रोजगार की प्राथमिकता हो- समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर

अपमान, विरोध, उपहास के बाद भी गांधी ने सत्यधर्म नहीं छोड़ा-कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर बागी आत्मसमर्पण की 50वीं वर्षगांठ समारोह शुभारंभ जौरा, मुरैना 14 अप्रैल ।न्याय व शांति के लिए गांधी के तीन सूत्र ‘चलो शहर से गांव की…

डाकू आत्‍म समर्पण के 50 बरस : चंबल में अहिंसा के प्रयोग

चंबल घाटी की दस्यु समस्या के समाधान के लिए जो काम सरकारें सदियों से नहीं कर पाई वह कार्य सर्वोदय कार्यकर्ता करने में सफल रहे। मैत्री से ही मिटे बैर को बाबा विनोबा तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में…

शिक्षा की बेहतरी के लिए हाथ, दिमाग, दिल मिलकर कार्य करें

हमारा शिक्षा तंत्र बुनियादी समझ विकसित करने में जितना विफल रहा है उतना ही विफल आर्थिक एवं अन्य उद्देश्यों को पूरा करने में भी रहा है। युवाओं में बेरोजगारी एवं अल्प रोजगार दर बढ़ाने में इस तंत्र की मुख्य भूमिका…

चम्बल घाटी की स्मृति से दुनिया को जायेगा शांति का संदेश – राजगोपाल पी.व्ही

बागी समर्पण स्थल जौरा में देश भर आये नवजवानों ने की सर्वधर्म प्रार्थना जौरा, मुरैना। 13 अप्रैल । चम्बल घाटी का जौरा हिंसा मुक्ति, प्रतिकार मुक्ति और शोषण मुक्ति के अभियान की जननी रही है। जहां पर 1970 के दशक…