नब्बे की अवस्था में भी तरुणाई का ख़्वाब देखने वाले लोगों को भाईजी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। उनके गीतों पर झूमने वाले लोगों में जय जगत का नारा प्रसिद्ध हुआ। उन्होंने शांति मंत्रालय का सपना भी देखा, जो…
तुषार बाबू अपने व्यक्तिगत जीवन में गांधी विचार के सच्चे अनुयाई थे। अपने एक रिश्तेदार के घर भोज में दलितों के लिए अलग पंगत की व्यवस्था देख उन्होंने विरोध किया और बात न मानने पर वहां से सपरिवार लौट आये…
दुनियाभर में जलवायु-परिवर्तन के भयावह प्रभाव तबाही मचा रहे हैं और ऐसे में सभी को विकास के वैकल्पिक ताने-बाने की याद सताने लगी है। कोयला, पैट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन ‘ग्रीनहाउस गैसों’ का उत्सर्जन करते हैं और नतीजे में…