Month: January 2022

प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था : बठिंडा से उठा बवाल बवंडर नहीं बन पाया !

प्रधानमंत्री के क़द के व्यक्ति की सुरक्षा व्यवस्था में जो चूक हुई है वह चिंताजनक है। इस तरह की चूकों का असली ख़ामियाज़ा भी अफ़सरों को ही भुगतना पड़ता है। ममता बनर्जी और चरणजीत सिंह चन्नी में जितना फ़र्क़ है…

डॉ. सिंधुताई सपकाल : हजारों अनाथ बच्चों की मां सभी को अनाथ छोड़ गई

सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार विजेता का 73 साल की डॉ. सिंधुताई सपकाल उम्र में हाल ही में निधन हो गया. सिंधुताई सपकाल ने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों की जिंदगी संवारने में लगा दिया. सिंधुताई 1400 से ज्यादा बच्चों…

डॉ.जे.सी. कुमारप्पा : एक विद्रोही अर्थशास्त्री

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी भूमंडलीकरण की असफलता और जलवायु संकट के चलते संपूर्ण गांधीवाद एक बार पुनः पूर्णतया प्रासंगिक हो गया है अतएव कुमारप्पा भी उतने ही महत्वपूर्ण बन गए है। कुमारप्पा जी सही अर्थों में ग्रामीणजनों के उद्धारक या ऋषि…

यह महात्मा गांधी के सम्मान का ही नहीं, लोकतंत्र के संरक्षण का सवाल भी है।

धर्म संसद में महात्‍मा गांधी पर की गई टिप्‍पणियों पर गांधी संस्‍थानों का बयान नईदिल्‍ली (सप्रेस) । देशभर की गांधी विचार से जुड़ी शीर्षस्‍थ संस्‍थानों ने हाल ही में हरिद्वार व रायपुर में हुई धर्म संसद में राष्‍ट्रप‍िता महात्‍मा गांधी…

केन और बेतवा : जबर्दस्ती का नदी जोड़

विकास की बदहवासी में आजकल उसी को अनदेखा करने का चलन हो गया है जिसकी कसमें खाकर विकास किया जाता है। पिछले दिनों केन्द्रीय केबिनेट ने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड़ इलाके की सिंचाई और पेयजल क्षमता बढाने की खातिर…