Year: 2020

स्वराज नहीं है, अंग्रेजी राज की समाप्ति

अगस्‍त ’47 में मिली आजादी ने क्‍या सचमुच हमें आजाद कर दिया था? क्‍या हम अपनी जरूरतों, संसाधनों और क्षमताओं के हिसाब से अपना विकास कर पाने के लिए स्‍वतंत्र हुए थे? और यदि यह हुआ था तो फिर हमारी…

प्रदूषण-मुक्ति में उपयोगी है, डीजल से पैट्रोल की बराबरी

कई बार ‘फिसल’ पड़ने से भी ‘गंगा-स्‍नान’ हो जाता है। कुछ ऐसा ही डीजल की कीमतों के पैट्रोल की कीमतों से बराबरी करने से भी हुआ है। प्रदूषण के एक बडे कारण डीजल वाहन अब घटकर पैट्रोल वाहनों से मुकाबला…

‘गांधी-150’ : अपनी अप्रासंगिकता का पड़ाव

आज, महात्‍मा गांधी को विदा हुए सात दशकों बाद, कोई यदि उन्‍हें समझना, आत्‍मसात करना और जीवन में उतारना चाहे तो क्‍या करे? गांधी को साक्षात देखने और साथ काम करने वाले संगी-साथी और उनकी बनाई संस्‍थाएं अब नकारा हो…

प्रशांत भूषण को सजा मिलनी ही चाहिए और वे स्वीकार भी करें !

प्रशांत भूषण द्वारा स्वीकार की जाने वाली सजा लोगों के मन से सविनय प्रतिकार के फलस्वरूप प्राप्त हो सकने वाले दंडात्मक पुरस्कार के प्रति भय को ही कम करेगी। जैसे महामारी पर नियंत्रण के लिए उसके संक्रमण की चैन को…

महात्मा गांधी की ट्रस्‍टीशिप की संकल्पना समाज को नए विकासात्मक दिशा में ले जा सकती है

महात्मा गांधी शोधपीठ में गांधीवादी दर्शन के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक आयामों पर वक्‍ताओं के उद्गार इंदौर,  22 अगस्‍त। वर्तमान समय में अगर हमें महात्मा गांधी के दर्शन को जीवित रखना है तो हमें उनके विचारों एवं मूल्यों की प्रासंगिकता…

चम्बल घाटी में बागियों के समर्पण से विनोबा जी का हृदय परिवर्तन हुआ

22 अगस्‍त को आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में साधिका सुश्री गंगा बहन इतिहास स्वयं को हिंसा के रूप में नहीं दोहराता है बल्कि उसका दर्शन अहिंसा में भी होता है। चंबल घाटी…

सन् 85 के पहले भी था, बांध का विरोध

नर्मदा बचाओ आंदोलन के 35 बरस ‘सरदार सरोवर’ के प्रभावितों-विस्‍थापितों को पैंतीस साल पहले पुनर्वास के जो रंगीन सपने दिखाए गए थे, ठीक उसी तर्ज पर चालीस-पैंतालीस साल पहले तवा के विस्‍थापितों को भी ललचाया गया था। विस्‍थापन के नाम…

राजनीति विचार

विश्वसनीयता : सरकार की बरकरार ,जनता की खो गई ?

इस समय कोरोना संक्रमण के दुनिया भर में प्रतिदिन के सबसे ज़्यादा मरीज़ हमारे यहीं प्राप्त होने के साथ ही सरकार को और भी ढेर सारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इनमें चीन द्वारा लद्दाख़ में हमारे स्वाभिमान पर…

स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार तथा विविधता पूर्ण विचारों की रक्षा करना हमारी प्रतिबद्धता

20 राजनैतिक दलों के  वरिष्ठ नेताओं ने  प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता  जाहिर की प्रशांत भूषण पिछले तीन दशकों से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहे हैं, इसके बावजूद उनके ट्वीट को सकारात्मक आलोचना की जगह बदनियति पूर्ण…

विचारों को आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता

आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर ‘विनोबा विचार प्रवाह’ अंतर्राष्ट्रीय संगीति में जस्टिस धर्माधिकारी 20 अगस्त। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। इसे आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता। इसका प्रवाह निरंतर बना रहना चहिए। आरोग्य…