Month: September 2020

लोग जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए !

हमने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया कि हमारे आसपास की चीज़ें कितनी तेज़ी से फ़ास्ट-फ़ॉरवर्ड हो रही हैं और पलक झपकते ही पुरानी के स्थान पर नई आकृतियाँ प्रकट हो रही हैं। केवल एक उदाहरण ले लें … क्या हमने नोटिस…

एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ पक्षियों की पूछ-परख होती है

जलसंकट और रेगिस्तानों के लिए प्रसिद्ध हमारे राजस्थान में एक गांव ऐसा भी है जहां सिर्फ पक्षियों की पूछ-परख होती है। उदयपुर के पास मेनार गांव में विकास की हर योजना पक्षियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई और…

संस्कृत के मोह में रुक गया हिंदी का विकास

हिंदी को संस्कृत निष्ठ बनाने का सिलसिला थमा नहीं है और न ही हिंदी को सांप्रदायिकता की जुबान बनाने की कोशिश ठहरी है। तमाम गैर हिंदी भाषी राजनेता सीखी हुई हिंदी बोलते हैं और बड़े जनसमुदाय को प्रभावित करते हैं।…

अपराध के कलंक से कितने आजाद हैं, घुमन्‍तु समुदाय?

अजीब बात है कि अपने आसपास रहने-बसने वाले घुमन्‍तु लोगों के बारे में आम समाज निरा अनजान है और उन्‍हें ज्‍यादा-से-ज्‍यादा अपराधिक जातियों की तरह पहचानता है। कौन हैं, ये ‘विमुक्‍त’ और ‘घुमन्‍तु’ समुदाय? आम समाज के कितने लोगों को…

हिन्‍दी की हैसियत

हिन्‍दी दिवस (14 सितम्‍बर)  भाषा हमारे जीवन की एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन आजकल उसमें भी भेद-भाव बरता जा रहा है। ऐसे में मातृभाषा हिन्‍दी को किस तरह कारगर बनाया जाए? प्रस्‍तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता विभा वत्‍सल का…

बाढ़-नियंत्रण की बजाए बाढ़ की वजह बनता, सरदार सरोवर बाँध

बड़े बांधों के घोषित उद्देश्‍यों में जल-विद्युत और सिंचाई के बलावा बाढ़-नियंत्रण भी शामिल है, लेकिन देशभर में कहीं बांधों से बाढ़ को नियंत्रित करने का कोई ठोस उदाहरण सामने नहीं आया है। मध्‍यप्रदेश में जहां नर्मदा और उसकी सहायक…

कोरोना पर भी भारी पड़ गई कंगना !

देश का पूरा ध्यान एक अभूतपूर्व संकट से सफलतापूर्वक भटका दिया गया है। चालीस सालों में पहली बार इतना बड़ा आर्थिक संकट, करोड़ों लोगों की बेरोज़गारी, महामारी से प्रतिदिन संक्रमित होने वालों के आँकड़ों में दुनिया में नम्बर वन बन…

अवसर को आपदा में बदलने के प्रयास

तरह-तरह की योजनाओं, भारी-भरकम बजट और ढेर-सारे मानव व प्राकृतिक संसाधनों को लगाने के बावजूद पर्यावरण की सफाई का जो काम बरसों से नहीं हो पाया था, उसे ‘कोविड-19’ की वजह से लगाए गए लॉकडाउन ने सफलतापूर्वक कर दिया है।…

खबरों में मनोरंजन

एन कोविड-19 के महामारी-काल में भीषण बेरोजगारी, भुखमरी और बीमारियों को सिरे से भुलाकर भारतीय मीडिया कंगना-रिया की चटखारेदार कहानी में रमा है। मानो देश के सामने अब कुल मिलाकर कंगना का टूटा दफ्तर और रिया की कथित नशे की…

स्वामी अग्निवेश : बेबाक, प्रखर, निर्भीक व्यक्तित्व को अंतिम सलाम

स्‍मृति शेष : श्रध्‍दांजलि न्याय, समता, बराबरी और जन समर्थक के पक्षधर रहे स्वामी अग्निवेश के अवसान से एक निरपेक्ष व्यक्तित्व का मौन हो जाना है। वे प्रखरता र्और मुखरता से कई मुददों पर अपने विचार रखते थे। वे बंधुआ…