Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Month: September 2020

दो घाटियों की गुहार

नर्मदा और गंगा की तरह कश्‍मीर घाटी भी ‘जीवित इकाई’ मान ली गई होती तो वह इनके साथ मिलकर लोक-समाज से क्‍या कहतीं? प्रस्‍तुत है, कश्‍मीर और नर्मदा घाटी को जानने-समझने के बाद उनकी तरफ से लोक-समाज को लिखा गया…

राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ मिशन की नीति को लागू करने के बजाए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना ज्यादा जरुरी

जन स्वास्थ्य अभियान ने हेल्थ डाटा मेनेजमेंट मसौदे पर दिये सुझाव स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ मिशन की घोषणा करने के बाद सरकार ने हेल्थ डाटा मेनेजमेंट नीति का मसौदा तैयार कर जनता से एक…

कि उन्हें मिलने वाली नहीं है नौकरी

मौजूदा स्थितियां बता रही हैं कि अगर बेकारी एक समृद्ध अर्थव्यवस्था में आएगी तो लोगों के पास समय रहेगा और वे अपने समुदाय की सेवा और भलाई पर ध्यान देंगे। बच्चों और बूढ़ों की देखभाल करेंगे और अच्छा साहित्य और…

अस्तित्व के लिए जूझती नदी

पुस्तक समीक्षा पिछले दिनों ‘नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण’ में लम्‍बे समय जनसंपर्क अधिकारी रहे आदिल खान की ‘सरदार सरोवर परियोजना’ और उसका विरोध कर रहे ‘नर्मदा बचाओ आंदेालन’ के इतिहास पर एक किताब आई है। प्रस्‍तुत है, इस किताब की…

बेदखली की चपेट में दिल्‍ली के झुग्‍गीवासी

हाल में सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर दिल्‍ली में झुग्‍गी बस्तियों के 48 हजार परिवारों को अपनी जमीन से हटाने की रेलवे की पहल पर सरकार ने रोक लगा दी है। दिल्‍ली और देशभर में खलबली मचाने और गरीबों के आशियानों…

कोरोना : करने योग्‍य, जरूरी बातें

तीस जनवरी को केरल में पहले मरीज की पहचान होने के बाद कोरोना वायरस से फैली कोविड-19 बीमारी को अब तक लंबा वक्‍त और अनुभव गुजर गए हैं। करीब साढे सात महीने के दुखद दौर के बाद भी कई लोग…

अध्यादेशों पर क्यों नहीं हैं किसान आंदोलन

संसद के मौजूदा सत्र में किसानों और किसानी को प्रभावित करने वाले उन तीन विवादास्‍पद अध्‍यादेशों के कानून बनने की संभावना है जिन्‍हें केन्‍द्र सरकार ने अभी जून में लागू करके देशभर के किसान संगठनों के बीच बवाल खडा कर…

सत्‍ता की नजरों में समाज का दर्जा

बुनियादी मुद्दों पर सत्‍ता की यह अनदेखी समाज से उसकी बढ़ती हुई दूरी को ही उजागर करती है। आजादी के बाद से लगाकर आज तक का हमारा राजनैतिक इतिहास सत्‍ता और समाज के बीच की इस बढ़ती दूरी का ही…

93 साल के आजन्म युवा आंदोलनकारी थे जगन्नाथ काका !

स्‍मृति शेष : श्रध्‍दांजलि जगन्नाथ काका नहीं रहे| नर्मदा घाटी का एक और सितारा बुझ गया | सालों से वृध्दत्व को नकारते, कई बार गिरते, फ्रेकचर लेकर भी दौड़ते काका शांत हो गये| उनकी जीवनज्योत हमारे लिए जलती रहेगी जरुर…

जगन्नाथ काका का निधन : नर्मदा बचाओ आंदोलन की अपूरणीय क्षति

नर्मदा बचाओ आंदोलन के संस्थापक सदस्यों में से बड़वानी में कुंडिया गाँव के जगन्नाथ काका का अल्प‍ बीमारी के बाद 17 सितंबर 2020 को सुबह निधन हो गया है। वे करीब 90 वर्ष के थे। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम…