Month: August 2020

हरिशंकर अग्रवाल : प्रगतिशील और प्रतिबद्ध लेखन के अथक यात्री

स्‍मृति शेष पिपरिया जैसे छोटे से कस्बे से आकंठ जैसी साहित्यिक पत्रिका का निरन्तर 48 वर्षों तक सम्पादन और प्रकाशन करने वाले जाने माने प्रगतिशील कवि हरिशंकर अग्रवाल का 18 अगस्त 2020 को देहांत हो गया l हम  बचपन से उन्हें…

उस्‍ताद अमीर खान साहेब का वह राज : जैसे उनके कंधे से कोई तानपूरा बजा रहा हो

उस्ताद अमीर खां एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने गायकी में एक नया आयाम स्थापित करते हुए संगीत की दुनिया को इंदौर घराने की देन दी। 15 अगस्त को खान साहेब का 109 वां जन्म दिन था। अमीर खान साहेब के…

समाचार

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से आरोग्य में स्वावलंबन संभव

18 अगस्‍त को विनोबा की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में भरत भाई शाह आज तक हम शरीर की बनावट को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। हमारा शरीर अपने आप में खुली हुई फार्मेसी है, जिसकी…

गांधी से मुलाकात

तकनीक-आधारित औद्योगीकरण, पूंजी का केन्‍द्रीकरण और उनके नतीजे में दो बडे युद्धों के बावजूद 20वीं और 21वीं शताब्दियां गांधीजी के नाम से जानी जाती हैं। कैसे थे वे और उनका जीवन? प्रस्‍तुत है, इसका खुलासा करता पत्रकार के. विक्रम सिंह…

पिता की सम्‍पत्ति में बेटियों की भागीदारी

पिता की सम्‍पत्ति में बेटियों की बराबरी की हिस्‍सेदारी को लेकर 2005 में बने कानून को हाल में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से पुष्‍ट किया है। इस कानून को लेकर तरह-तरह की नकारात्‍मक- सकारात्‍मक बातें उठ रही हैं। ऐसा नहीं…

समाज के विकास के लिए वैचारिक स्वतंत्रता जरूरी

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में सुश्री ज्योति बहन सभी के उदय का जिस शब्द में समावेश है वह सर्वोदय है। किसी भी समाज के विकास में वैचारिक स्वातंत्र्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।…

पंडित जसराज : लाल गोपाल गुलाल हमारी आँखन में झिन डारो जू

शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज अब इस दुनिया में नहीं रहे है। मेवाती घराने के पंडित जसराज का 17 अगस्‍त को अमेरिका के न्यू जर्सी में अपनी अंतिम सांस ली । वे 90 साल के थे। अपने 80…

डर का ‘डीएनए’

कहा जाता है कि इंसान की बुनियादी फितरत में आहार, निद्रा, क्रोध, भय और मैथुन शामिल हैं। इनमें से भय हमारे जीवन के सर्वाधिक करीब है। क्‍या होता है, भय? उसके क्‍या प्रभाव होते हैं? हमारे मन में भय क्‍यों,…

समाचार स्‍वास्‍थ्‍य

‘जनता संसद’ में स्वास्थ्य सेवा का अधिकार की मांग उठी, स्वास्थ्य प्रस्ताव पारित

16 अगस्‍त को ‘जनता पार्लियामेंट’ वेबिनार में स्वास्थ्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जन स्‍वास्‍थ्‍य अभियान राष्ट्रीय सचिवालय और जन सरोकार के तत्‍वावधान में 16 अगस्‍त को ‘जनता पार्लियामेंट’ (जनता संसद) वेबिनार के दौरान स्वास्थ्य के विभिन्न गंभीर मुद्दों और…

गंगत्व बचाने का काम लोकतंत्र में ‘लोक राजनीति’ से ही सम्भव

गंगा को अब लोक राजनीति से ही बचा सकते हैं। यह लोक राजनीति के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है। इस हेतु सभी अपनी निजी पहचान भूलकर एकाकर संगठित होकर लोक राजनीति में जुटें। गंगत्व बचाने का काम लोकतन्त्र में लोक राजनीति…