गोपेश्वर, 3 अप्रैल। चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं वर्षगांठ के अवसर पर चिपको की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल द्वारा “वर्तमान में पर्यावरण की चुनौतियाँ” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित…
23 जून : 90 वां जन्म दिवस प्रसंग देश के पहले आधुनिक पर्यावरणविद और गांधी विचारक के रूप में ख्यात चंडीप्रसाद भट्ट आज अपने जीवन के 90 वें वर्ष के पायदान को छूने जा रहे है। जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव…
विकास के नाम पर आजकल जिस तरह के धतकरम जारी हैं उनसे चहुंदिस बर्बादी और विनाश ही उपजता दिखाई दे रहा है। इन दिनों उत्तराखंड का ऐतिहासिक नगर जोशीमठ इसी विकास की चपेट में कराह रहा है। ऐसे में क्या…
चिपको आंदोलन का इतना प्रभाव हुआ कि मई 1974 में राज्य सरकार ने डा. वीरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति वनों के अध्ययन हेतु बनायी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में चिपको आंदोलन के कार्यो को सही बताया। संभवतः इसी…
सुंदरलाल बहुगुणा का नाम भारत और विदेशों में वन संरक्षण और पर्यावरण संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक बन गया। पश्चिमी घाट क्षेत्र के वनों को बचाने के लिए शुरू किए गए अप्पिको आंदोलन के वे एक महत्वपूर्ण प्रेरणा स्रोत थे।…
सुन्दरलाल बहुगुणा जी उच्च संत है। कलयुग में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षक है। प्राकृतिक मित्र तो अपना आयु का काल पूरा ही करते है। उन्हें कोविड़ ने आज हमारे से अलग कर दिया है। यह बेहद दुखद है। सुन्दरलाल बहुगुणा…