World environment day

संकट में पहाड़, मनुष्य और पर्यावरण

गांधी विचार को मानने वालों में बेहद वरिष्ठ और सम्मानित राधा बहन अपनी देशभर की अनेक जिम्मेदारियों के अलावा बरसों से हिमालय में रहकर उसकी बर्बादी भी देख रही हैं। वे बस भर उन योजनाओं पर उंगली उठाती रहती हैं…

संकट में है प्रकृति, प्रकृति के लोग

5 जून : विश्‍व पर्यावरण दिवस पर विशेष गर्म होती पृथ्वी से व्याकुल जन-जीवन की व्यथा बहुत ही चिंताजनक होती जा रही है। हमारी पीढ़ी के लिए यह एक खतरे की घंटी है। इससे भी अधिक खतरा है हमारी आने…

अब इंदौर को सब मिलकर बनाएं हरियाली का हब

सेवा सुरभि ने हरियाली , हवा और पानी की सलामती के लिए किया विचार मंथन इंदौर 2 जून। किसी समय इंदौर के एक ही क्षेत्र में 9 लाख पेड़ थे, इसलिए  नाम पड़ गया नवलखा। पलासिया, लालबाग, पीपली बाजार, इमली …

पर्यावरण बिगड़ने के दुष्प्रभाव से चिंतित विश्व

जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता रहेगा और बढ़ते तापमान से सूखे की स्थिति पैदा होगी। जिससे मीठे पानी के महत्वपूर्ण स्रोत प्रभावित होंगे। संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनईपी) का मानना है कि पानी के बाद रेत सबसे…

युवाओं को ऐसी जीवन शैली बनाने की जरूरत जिससे पर्यावरण का हो कम से कम ह्रास

सेवा सुरभि द्वारा प्रकाशित हमारा इंदौर हमारा पर्यावरण पुस्तिका का विमोचन इंदौर, 4 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के एक दिन पूर्व इंदौर प्रेस क्लब सभागृह में सेवा सुरभि के बैनर तले हुए आयोजन में निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कहा…

हीरा नहीं, जंगल है सदा के लिए

मध्यम वर्ग ने एक जीवन मंत्र अपना लिया है। खूब कमाओं और खूब खर्च करो। खर्च करने के लिए सोने के बाद अब हीरे का लालच है। और हीरा मिला है बक्सवाहा के जंगलों में। लेकिन इसके लिए लाखों पेड़…