water

पानी को सहेजने की परम्परा

इंसान के जिन्दा रहने के लिए हवा, पानी और भोजन अनंत बुनियादी जरूरतें हैं और इसीलिए आजकल के व्यापार-धंधे में इन जिन्सों की भारी पूछ-परख है। इन तीनों में से सिर्फ पानी को ही देखें तो क्या पता चलता है?…

किताब समीक्षा : डूबते-प्यासे शहरों की व्यथा

लेखक और पर्यावरणविद् पंकज चतुर्वेदी पाठकों के लिए सुपरिचित नाम है। हाल में शहरों के जल संकट पर उनकी एक किताब आई है। रोहित कौशिक द्वारा ‘सप्रेस’ के लिए की गई इसी किताब की समीक्षा। ज्यों-ज्यों जल संकट बढ़ रहा…

मेधा पाटकर ने कहा ; प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण करने हेतु संघर्ष जारी रहेगा

नर्मदापुरम के बांद्राभान में जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय का राष्ट्रीय सम्मेलन सम्‍पन्‍न बांद्राभान (होशंगाबाद, नर्मदापुरम), 2 अप्रैल। जल-जंगल और जमीन के ज्वलंत मुद्दें को लेकर जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) के बैनर तले नर्मदापुरम के बांद्राभान में आयोजित राष्ट्रीय…

‘‘पंच ज’’ के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका पर सम्मेलन संपन्न

5 जून को भोपाल में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन होगा भोपाल, 28 मार्च। एकता परिषद सहित विभिन्न जनसंगठनों ने आज भोपाल में ‘‘पंच ज’’-जल, जंगल, जमीन, जन और जानवर-के संरक्षण, संवर्धन और आजीविका विषय को लेकर प्रदेश भर के आदिवासियों के साथ…

World Water Day : नादानी और बेईमानी से खत्म हो रहा पानी

विश्व जल दिवस पर विशेष पानी के लिए मचते हाहाकार में हम धूर्ततावर्ष अक्सर यह भूल ही जाते हैं कि इस त्रासदी की असली वजह तो हम, इंसान ही हैं और अब अपनी ही करनी के नतीजे में जलसंकट भुगत…

आज भी खरी है प्राचीन जल संस्कृति

World Water Day 2023 दुनिया की आबादी आठ अरब से अधिक हो चुकी है। इसमें से लगभग आधे लोगों को साल में कम से कम एक महीने पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। जलवायु परिवर्तन के कारण…

पानी और पैट्रोल उलीचने से धंसते शहर

भू-गर्भीय पानी और जीवाश्म ईंधन के असीमित दोहन ने अब शहरों को धंसने की हालत में ला दिया है। देश-दुनिया के अनेक शहर आज धंसने की कगार पर हैं, लेकिन इसे लेकर कोई खास चिंता नहीं की जा रही। नदी…

जल संरक्षण पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न

भोपाल:12 मई।  देश एवं राज्य के कई इलाकों में गहराते जल संकट को ध्यान में रखते हुए भोपाल में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश के छतरपुर एवं पन्ना जिले के दो संस्थान परमार्थ समाज सेवी…

महासंकट : पानी पर परामर्श

हर साल की तरह अब फिर पानी पर परामर्श का मौसम शुरु हो गया है और हमेशा की तरह हम फिर पानी बचाने, संवारने, संरक्षित करने की तमाम-ओ-तमाम नेक सलाहों को ‘दूसरे कान’ से निकालने के लिए तैयार भी हो…

11 और 12 फरवरी 2022 को जोधपुर में नदी सम्‍मेलन; पानी व नदियों पर कार्यरत कार्यकर्त्‍ता शिरकत करेंगे

जयपुर, 9 फरवरी।  भारत की विरासत नदियों पर जो संकट है, उसके समाधान के उपाय खोजने, भारत में नदी साक्षरता, जल साक्षरता का काम बढ़ाने के लिए 11 और 12 फरवरी 2022 को जोधपुर में नदी सम्‍मेलन का आयोजन किया…