Truth

राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर : गांधी दर्शन, पर्यावरण और मानवता पर गहन विमर्श

गांधी दर्शन की समसामयिकता पर मंथन : सौरभ वाजपेयी और डी.एम. दिवाकर ने रखे विचार कौसानी, 14 अक्टूबर। हिमालय की गोद में स्थित कौसानी में चल रहे राष्ट्रीय गांधी विचार युवा एवं विश्वविद्यालय शिविर के दूसरे दिन विचार सत्रों में…

गांधीजी की आधुनिकता और उनके मापदंड

आम लोगों में महात्मा गांधी को उनके रहन-सहन, खान-पान और भाषा-भूषा के चलते गैर-आधुनिक, पिछडा और पारंपरिक मानने का चलन है, लेकिन क्या वे सचमुच वैसे थे? या आधुनिकता के उनके मापदंड आम लोगों से भिन्न थे, जिनका वे कडाई…

भूदान से जयजगत तक : विनोबा भावे की प्रासंगिक विरासत

11 सितंबर को आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती पर हम उस महापुरुष को स्मरण करते हैं, जिसने सत्य, अहिंसा और सेवा को जीवन का मूलमंत्र बनाया। “जय जगत” का उनका संदेश विश्वबंधुत्व, न्याय और समता पर आधारित था। भूदान…

विनोबा जयंती : सरकार नियामत नहीं बरसाती

विनोबा भावे की जयंती हमें याद दिलाती है कि सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है। उनका विचार था कि गांव का भला गांव के लोगों के हाथ में है, न कि केवल सरकार…