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चिंतन : विचार शून्यता और लोकतंत्र

मौजूदा समय में विचार-शून्यता एक बड़े संकट की तरह स्थापित होती जा रही है। यहां तक कि हमारा लोकतंत्र देशी है या विदेशी जैसे आसन्न सवालों को भी अपेक्षित गंभीरता से हल नहीं किया जा रहा। क्या यह अपने समय…

पत्रकारिता में पहुंच बनाती ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’

हाल में एलॉन मस्क की ‘ग्रोक एआई’ की ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ ने दुनियाभर में बवाल खड़ा कर दिया है। कोई भी ‘ग्रोक’ से किसी भी तरह का सवाल करके जवाब प्राप्त कर लेता है, लेकिन क्या ये जवाब…

ARTIFICIAL INTELLIGENCE : इंसानियत को ताक पर रखती तकनीक

मौजूदा समय ऐसी तकनीक का है जो इंसानों की तरह खुद-ब-खुद सोच-समझकर, निर्णय लेगी और उस पर अमल करेगी, लेकिन क्या इसमें कोई इंसानियत भी बची होगी? तकनीक के इस अत्याधुनिक स्वरूप के मालिक अकूत पूंजी बनाने के अलावा किसी…

ऊर्जा : परमाणु ऊर्जा में विदेशी पैसा

डेढ दशक पहले अमरीका के साथ होने वाले जिस परमाणु समझौते को लेकर तब की मनमोहन सिंह सरकर गिरने-गिरने को हो गई थी, आज वही परमाणु ऊर्जा खुल्लम-खुल्ला धंधे में उतर आई हैं। दुनियाभर में गरियाई जा रही यह ऊर्जा…

तकनीक में Artificial Intelligence ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ तो दुनिया में ‘नैतिकता’ की चुनौती सबसे बड़ी : राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

अभ्यास मंडल, इंदौर द्वारा आयोजित ग्रीष्‍मकालीन व्याख्यानमाला इंदौर, 15 मई। वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इस समय तकनीक में जहां Artificial Intelligence आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सबसे बड़ी चुनौती है, तो वहीं दुनिया के समक्ष…

लोकतंत्र के सलीब पर सायबर जासूसी की कील !

हुकूमतें तकनीकी रूप से चाहे जितनी भी सक्षम क्यों न हो जाएँ, नागरिकों के मन के अंदर क्या चल रहा है उसका तो पता नहीं कर सकतीं । हां , वे इतना ज़रूर कर सकती हैं कि अगर लोगों ने…