नईदिल्ली, 20 जनवरी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण से जुड़ी अपनी चल रही सुओ मोटो कार्यवाही में हस्तक्षेप की मांग करने वाली दायर एक अर्जी को स्वीकार कर लिया है। नियामक विखंडन और पारिस्थितिक…
अहमदाबाद, 19 दिसंबर। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और विज्ञान यदि संवेदनशील, अहिंसक और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें, तभी वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संकट का स्थायी समाधान…
विभिन्न एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन से प्रतिनिधि शामिल, शिक्षा–विज्ञान–डिज़ाइन संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार नई दिल्ली, 16 नवंबर। तरूण भारत संघ के तत्वावधान में भू–सांस्कृतिक मानचित्र (Geo–Cultural Map) को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन इंडियन नेशनल साइंस…
यह जानने के लिए कोई भारी–भरकम शोध की जरूरत नहीं है कि देशभर की तमाम छोटी-बडी नदियां बदहाल हैं और उनमें से अधिकांश अपने आखिरी दिन गिन रही हैं। सचराचर जगत की जीवनदायिनी नदियां आखिर क्यों इतनी बेहाल हैं? क्या…
Tarun Bharat Sangh के स्वर्णिम 50 वर्षों के कार्यों की गरिमामयी प्रस्तुति, दो पुस्तकों का विमोचन, 110 जीवनदायकों का सम्मान भीकमपुरा (राजस्थान), 31 मई। राजस्थान के अलवर जिले स्थित भीकमपुरा गाँव के तरुण आश्रम में शुक्रवार को तरुण भारत संघ…
पर्यावरणविद् राजेन्द्र सिंह से कुमार सिद्धार्थ की बातचीत मध्यप्रदेश–राजस्थान की सीमा पर एक आमफहम-सी, साल के अधिकांश समय सूखी रहने वाली नदी थी–सैरनी। यह इलाका डकैती के अलावा भीषण गरीबी की चपेट में है, इतनी गरीबी कि वहां बसी सहरिया…
भीकमपुर (राजस्थान), 15 मई । पानी की बूंदों से जीवन के ताने-बाने को बुनने वाला संगठन तरुण भारत संघ इस वर्ष अपने स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पिछले 50 वर्षों में जल और समाज के रिश्ते को…
भीकमपुरा (अलवर), 10 मई। जल संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से कार्यरत तरुण भारत संघ (TBS) अपना स्वर्ण जयंती वर्ष 30 मई 2025 को पूर्ण कर रहा है। इस उपलक्ष्य में एक विशेष…
तरुण भारत संघ के तत्वावधान में सैरनी नदी के किनारे भव्य सम्मान समारोह सम्पन्न धौलपुर, 5 मई 2025। कभी बंदूक थामे रहने वाले हाथों ने अब हल और हौसले से नदी को जीवन देना शुरू किया है। चंबल की सहायक…
भारत की विविध भूमि, जलवायु और सांस्कृतिक पहचान को एक साथ दर्शाने वाला “भारत का भू-सांस्कृतिक मानचित्र” तरुण भारत संघ की एक अभिनव पहल है। यह मानचित्र देश की आत्मा से जुड़ी प्रकृति और संस्कृति के रिश्ते को उजागर करता…