हाल ही में मैं एक नदी संसद का साक्षी था, जहां दक्षिण एशिया की नदियाँ अपने साझा संकटों पर चर्चा करने जुटी थीं। इस अनोखे संगम की मेजबानी नर्मदा ने की, जो पूरे क्षेत्र की नदियों से समान दूरी पर…
दीवाली खुशियों और उजालों का त्योहार है, पर जब यही रोशनी धुएं और शोर में बदल जाए, तो उसका अर्थ खो जाता है। अत्यधिक पटाखों ने इस पर्व की पवित्रता और सादगी को प्रदूषण के धुंए में ढक दिया है।…
पृथ्वी की केवल 15 फीसदी जलमग्न भूमि ही प्रदूषण से अप्रभावित है क्योंकि चार करोड़ टन की भारी धातु, जहरीला कीचड़ और अन्य औद्योगिक कचरा दुनियाभर में पानी में फेंका जा रहा है जिससे 85 फीसदी जलमग्न भूमि प्रदूषित हो चुकी है। तीन अरब से…
मुनाफे और उसकी खातिर पर्यावरण को नेस्त-नाबूद करने की इंसानी फितरत ने समुद्रों को भी नहीं छोडा है। धीरे-धीरे समुद्र भी मैले और निर्जीव होते जा रहे हैं। क्या है, इसकी वजहें? हमारी पृथ्वी पर महासागरों का विशेष महत्व है…
हमारे यहां त्यौहारों का ताना-बाना कृषि-चक्र से गहरा जुडा है। मसलन इन दिनों खरीफ की फसलों के आने और रबी की फसलों के इंतजार के अंतराल में दीपावली मनाई जाती है। बाजारों से लदी-फंदी आज की उत्सव-धर्मिता ने इस प्राकृतिक…
अपने समाज और सरकार की बदहाली की एक बानगी उज्जैन की क्षिप्रा नदी में लगातार बनी रहने वाली गंदगी भी है, उस क्षिप्रा की जिसके तट पर हर 12 साल में हिन्दुओं का सबसे बड़ा मेला महाकुंभ लगता है। इसे…
दिल्ली की तरह अब कोलकाता से भी वायु प्रदूषण की भयावह खबरें आने लगी हैं। जबकि यहां पराली जलाए जाने से वायु प्रदूषित नहीं हो रही है। यहां हवा में प्रदूषण की मात्रा 175 के आंकड़े पर आ गई है।…
चुनावी बुखार ऐसा ही होता है ! आप हमेशा ही सन्निपात में होते हैं, फिर आपको अहसास ही नहीं होता कि आप जो कह रहे हैं वह कहने लायक है या नहीं; और यह भी कि आप जिनका गर्व से,…
World Water Day 2023 दुनिया की आबादी आठ अरब से अधिक हो चुकी है। इसमें से लगभग आधे लोगों को साल में कम से कम एक महीने पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। जलवायु परिवर्तन के कारण…