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भारतीय अर्थव्यवस्था : जादूगर का अर्थशास्त्र

‘नमस्ते ट्रंप,’ ‘अबकी बार, ट्रंप सरकार’ और ‘माई फ्रेंड डोनॉल्ड’ की गलबहियों से छिटककर ‘लाल आंखें’ दिखाने वाले चीन और रूस की चापलूसी आखिर उसी अर्थ-नीति की देन है जो हमारे आम, गरीब-गुरबों को आए दिन रुलाती रहती है। क्या…

रोजगार और व्यवसाय : ‘स्टार्टअप्स’ के लिए जरूरी है, समझ की तब्दीली

रोजगार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए एक तजबीज आई है – स्टार्टअप, लेकिन उन्हें परवान चढाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। मसलन – स्टार्टअप को कारगर बनाने के लिए गंभीरता से किया गया शोध। तैयारी की…

देसी खिलौनों की खत्म होती चमक

कम्प्यूटर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मार्फत फैल रहे आभासी संसार के बावजूद बच्चों में आज भी पारंपरिक खिलौनों के प्रति उत्साह बाकी है। सरकारी आंकड़े तक इसकी तस्दीक करते हैं कि भारत ने खिलौना-बाजार में खासी बढ़त बनाई है,…

शिक्षा : ‘एड-टेक’ की उठा-पटक !

शिक्षा,खासकर बुनियादी शिक्षा समाज और सरकार की नजरों में लगातार गैर-जरूरी होती जा रही है। इस बदहाली का लाभ उठाने के लिए अनेक निजी कंपनियां खडी हो रही हैं जिनका एकमात्र उद्देश्य भरपूर मुनाफा कूटना होता है। ऐसे में विद्यार्थियों…