Indian Politics

सुचेता कृपलानी ने भारतीय राजनीति को निष्ठा, पारदर्शिता और अनुशासन की नई दिशा दी : अरविन्द मोहन

नईदिल्‍ली, 30 नवंबर। वरिष्ठ पत्रकार,  लेखक और गांधी विचार के अध्येता अरविन्द मोहन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए स्वतंत्रता सेनानी सुचेता कृपलानी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण बलिदान दिया ताकि राष्ट्रीय आंदोलन का कार्य बिना…

नए विश्व संकट में पुराने विचारों का नया अर्थ : गांधी, जयप्रकाश और लोहिया की प्रासंगिकता

गांधी, जेपी और लोहिया केवल अतीत के नाम नहीं, भविष्य की दिशा हैं। जब दुनिया हथियारों और बाजारों के जाल में उलझी है, तब उनके समाजवाद, आत्मनिर्भरता और नैतिक राजनीति के विचार फिर जीवित हो रहे हैं। यह समय उन्हें…

सौ साल की सादगी, सेवा और संघर्ष का सफ़र – समाजवादियों के पितामह जी.जी. पारिख को अंतिम सलाम

मुंबई, 2 अक्‍टूबर। देश ने आज स्वतंत्रता संग्राम के उन अंतिम योद्धाओं में से एक को खो दिया। वरिष्ठ समाजवादी नेता, चिकित्सक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. गुणवंतराय गणपतलाल राय पारिख, जिन्हें सब प्रेम से जी.जी. पारिख कहते थे, का…

स्‍मृति शेष / एक और जगदीप !

जगदीप छोकर अब नहीं रहे। एडीआर के संस्थापक और लोकतंत्र में चुनावी सुधार के लिए समर्पित इस जुनूनी व्यक्ति की विदाई केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि एक विचार और संघर्ष की भी विदाई है। छोकर ने साबित किया कि…

आज के दौर में लोकतंत्र की आत्मा को ज़िंदा रखने की चुनौती : गांधी विचारक कुमार प्रशांत

भोपाल में ‘गांधी का लोकतंत्र’ विषय पर व्याख्यान भोपाल, 22 अप्रैल। “लोकतंत्र को केवल चुनाव और बहुमत तक सीमित कर देना, उसे आत्मा-विहीन बना देना है। यह जीवन की ऐसी शैली है, जो सत्य, सह-अस्तित्व, संवाद और असहमति को सम्मान…