Future

मिट्टी का मोल : सचेत और जिम्मेदार बनाने की कला

कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…

164 साल पहले पेश हुआ था भारत का पहला बजट

आज 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत का आम बजट पेश किया जाएगा। बजट निर्माण की पूरी जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय की ही होती है और यह लगातार छठा ऐसा अवसर है, आज 1 फरवरी को…

प्रजातंत्र की शासन-प्रणाली

दुनियाभर के राजनीतिक विश्लेषक प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली की अहमियत और श्रेष्ठता पर कमोबेश एकमत हैं। सभी मानते हैं कि अपनी तमाम कमी-बेसियों के बावजूद प्रजातांत्रिक व्यवस्था किसी भी समाज को बेहतर बनाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली…

शिक्षक दिवस : शिक्षक सिर्फ ‘ट्रेनर’ नहीं होता

आजकल शिक्षा, किसी तरह डिग्री हासिलकर नौकरी पाने का उपाय भर होती जा रही है। देश व समाज के लिए बेहतर नागरिक बनाने में शिक्षा संस्थानों की अब कोई रुचि दिखाई नहीं देती। ऐसे में क्या किया जाना चाहिए? प्रस्तुत…