Forest Protection

पेड़ों की मां : दीर्घजीवी सालूमरदा थिमक्का

डॉ. ओ. पी. जोशी पेड़ों की मां (मदर ऑफ़ द ट्रीज) के नाम से प्रसिद्ध गरीब एवं अनपढ़ सालूमरदा थिमक्का का 114 वर्ष की आयु में बैंगलूरू के निजी अस्‍पताल में 14 नवंबर 25 को निधन हो गया। उन्‍हें आलामरदा…

पर्यावरण : ‘कैम्पा’ से रोकी जा सकती है, वनों की कटाई

हमारी नीतियां, खासकर वन संबंधी नीतियां, इस अवधारणा पर टिकी होती हैं कि उपभोग के बाद हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को वापस पुनर्जीवित कर लेंगे। वनों की क्षतिपूर्ति की खातिर बना ‘कैम्पा’ इसी विचार की बानगी है, लेकिन क्या इस…

जन-श्रम और प्रकृति का मेल : बेतवा उद्गम स्थल के पुनर्जीवन की पहल

डॉ. परशुराम तिवारी मध्यभारत की प्राचीन नदी बेतवा के उद्गम स्थल झिरी में एक प्रयोग संपन्न हुआ है। 25 से 31 मई 2025 तक आयोजित “बेतवा श्रमदान सप्ताह” में सर्वोदय विचारधारा से प्रेरित समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर केवल श्रम…

वरिष्‍ठ पत्रकार, लेखक हृदयेश जोशी ने कहा– लोगों को बचाए बिना नहीं बच सकता पर्यावरण

विश्व पर्यावरण दिवस पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के संवाद कार्यक्रम में व्याख्‍यान इंदौर, 5 जून। “अगर आप पर्यावरण को बचाना चाहते हैं, तो सबसे पहले लोगों को बचाना होगा। जन बचेगा तो जंगल बचेगा और जंगल बचेगा तो वन्य…