वैकल्पिक विकास पर विश्वास करने वाले व्यक्तियों, आंदोलनों और संस्थाओं के नेटवर्क ‘विकल्प संगम’ ने हाल ही में पेश किये गए देश के आम बजट का पर्यावरण की नज़र से विश्लेषण किया है।‘विकल्प संगम’ के विश्लेषण का ईशान अग्रवाल द्वारा…
पिछले कुछ सालों में, कोविड महामारी के चलते हमारे देश की शिक्षा सर्वाधिक प्रभावित हुई है, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक संसाधनों को लगाकर उसे वापस चुस्त-दुरुस्त करने की बजाए हमारी सरकारें उसका बजट घटाने में लगी हैं। केंद्रीय बजट…
3 फरवरी । नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री और प्रखर वक्ता सुश्री मेधा पाटकर एवं सामाजिक कार्यकर्ता देवराम कनेरा, कैलाश यादव, राजा मंडलोई ने बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले सालभर से अधिक समय जीवटता और शहादत के…
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी एक स्वतंत्र मंच है जिसका उद्देश्य भारत के भीतर वित्तीय जवाबदेही को मजबूत और बेहतर बनाना है। संस्था ने बजट 2022 के पूर्व हमारा पैसा हमारा हिसाब श्रृखंला में देश के आम जन बजट से क्या…