प्राकृतिक और मानवीय त्रासदियों के कारण खेती में होने वाले नुकसान से निपटने के लिए सरकार ने बीमा-योजना बनाई है। कहा जा रहा है कि मामूली प्रीमियम देकर किसान आपदाओं से खुद को सुरक्षित कर सकता है, लेकिन देशी-विदेशी कंपनियों…
केंद्र सरकार ने केरल की उधार लेने की क्षमता पर अनुचित प्रतिबंध लगाकर एक ही झटके में उससे लगभग 15000 करोड़ छीन लिए है। इस कारण निकट भविष्य में केरल गंभीर वित्तीय संकट में पड़ सकता है, जिससे इसकी कई…
इंसानी वजूद के लिए रोटी, कपडा के बाद मकान तीसरा सर्वाधिक जरूरी संसाधन है, लेकिन हमारे देश में पहली और दूसरी जरूरतों की तरह इसका भी भारी टोटा है। समय-समय पर तत्कालीन सरकारें कुछ-न-कुछ करती तो हैं, लेकिन उससे सबके…
इंदौर/भोपाल 2 मार्च। वर्तमान राज्य सरकार का आखरी बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जन स्वास्थ्य अभियान,मध्यप्रदेश ने सरकार से मांग की है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बजट आवंटन में पर्याप्त वृद्धि की जाए और…
भारत की अर्थव्यवस्था एक नाज़ुक मोड़ पर है। आज हम जो रास्ता चुनेंगे वो आने वाले कई सालों तक हमारे भविष्य को दिशा देगा। न केवल भविष्य, बल्कि लाखों नागरिकों का वर्तमान भी इस बजट पर निर्भर है। आशा करते…
आधुनिक ‘विकास’ और पर्यावरण एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने जाते हैं और इस अखाडे में सरकारें विकास की तरफदार। ऐसे में पर्यावण सुधार के लिए बजट प्रावधान सुखद माने जा सकते हैं। कोराना काल के बाद केंद्र सरकार ने एक…