सांप्रदायिकता

‘द कश्मीर फाइल्स’ : कितनी फाइलें खोलेंगे आप ?

हर इतिहास के काले व सफेद पन्ने होते हैं, कुछ भूरे व मटमैले भी. वे सब हमारे ही होते हैं. कितनी फाइलें खोलेंगे आप ? दलितों-आदिवासियों पर किए गए बर्बर हमलों की फाइलें खोलेंगे ? आप थक जाएंगे इतनी फाइलें…

सांप्रदायिकता का बुखार बरकरार रखने के राजनीतिक-चुनावी खेल को देश अब समझने लगा है: गांधी संगठन

देश को प्रेम से जोड़े रखने के अपने काम में जुटे रहने की अपील वर्धा । 10 फरवरी । कर्नाटक से उठे बुरका-विवाद पर गांधी संगठनों – गांधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली और राष्ट्रीय युवा संगठन, वर्धा (महाराष्ट्र) ने बयान…

महात्मा गांधी बूढ़े होते दिख रहे हैं या जवान?

महात्मा गांधी अपनी मृत्यु के बाद और भी युवा होते जा रहे हैं। युवा अवस्था महज शरीर में तेजी से दौड़ने वाले हार्मोन को नहीं कहते। वह विचारों का ऐसा केमिकल लोचा है जो खत्म होने का नाम ही नहीं…

प्रभुसत्ता और बाहरी दखल : एक फलसफाई जुगाली

यह जरूर है कि अंदरूनी मामलों में दखल न होने के सिद्धांत और मानवाधिकारों की वकालत में कई बार टकराव देखा जाता है। एक तरफ अमेरिका मानवाधिकारों के नाम पर दूसरे देशों में अपने भौतिक दखल को न्यायोचित ठहराता रहा…