भूदान आंदोलन

18 अप्रैल: भूदान आंदोलन के माध्यम से संत विनोबा की अहिंसक क्रांति

जब दुनिया ने बदलाव के लिए हिंसा का शोर चुना, तब विनोबा भावे ने मौन पदचाप से क्रांति की इबारत लिखी। 18 अप्रैल 1951 को पोचमपल्ली से शुरू हुआ भूदान आंदोलन इस विश्वास का प्रतीक बन गया कि सच्चा परिवर्तन…

दान में जमीन का छठा हिस्सा मांगने वाले संत विनोबा भावे

विनोबा भावे : 11 सितंबर जन्‍म दिवस प्रसंग आज संत विनोबा भावे का जन्‍म दिवस है। भूदान आंदोलन के जनक, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं अहिंसा के प्रबल समर्थक आचार्य विनोबा भावे का भूमि दान प्रयोग दुनिया का ऐतिहासिक नवाचार रहा…

विचार : समानता के लिए ‘सम्पत्ति-दान’

दुनियाभर में कब्जा जमाए बैठी अश्लील गैर-बराबरी ने हर तरह के आर्थिक विचारों और उनके अमल पर चुनौती खडी कर दी है। चाहे दक्षिणपंथी हों या वामपंथी या फिर मध्यमार्गी, सभी भीषण गैर-बराबरी के सामने इस हद तक नतस्तक हैं…

गांधी की रचनात्मक विरासत संभालने वाले विनोबा

महात्मा गांधी की रचनात्मक विरासत को संभालने वाले विनोबा भावे अपनी किन मान्यताओं और उन पर आधारित कैसे व्यवहार की वजह से जाने-पहचाने जाते हैं? और एक आम व्यक्ति की हैसियत से इसे कैसे समझा जा सकता है? प्रस्तुत है,…